• Jagran.com
  • Jagran Josh
  • Her Zindagi
  • Onlymyhealth
  • Jagran TV
  • Vishvas News
  • Inextlive
  • मेरी खबरें
मेरी खबरें
  • होम
  • ताजा खबरें
  • मध्यप्रदेश
  • छत्तीसगढ़
  • उत्तर प्रदेश
  • देश
  • धर्म
  • मनोरंजन
  • राशिफल
  • लाइफस्टाइल
  • अन्य
    • बिज़नेस
    • बड़ी खबरें
    • खेल
    • विदेश
    • करियर
    • टॉपिक्स
    • टेक्नोलॉजी
    • शिक्षा
  • राज्य चुनें
  • ई-पेपर
  • राशिफल
  • राज्य चुनें
  • ई-पेपर
  • फटाफट
  • राशिफल
  • वेब स्टोरीज
नईदुनिया ट्रेंडिंग
  • बढ़ता यूपी
  • समृद्ध उत्तराखंड
  • गणेशोत्‍सव 2026
  • हनुमान अंश
  • Mutual Funds मास्टरी
  • AI बूटकैंप
  • मध्‍य प्रदेश की खबरें
  • राशि परिवर्तन
  • मानसून
  • स्वच्छ जल
  • होम
  • मध्य प्रदेश
  • भोपाल

यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jan 19, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

MP Weather: अब किसानों को कैसे मिलेगी मौसम सटीक जानकारी, 31 मार्च के बाद बंद होंगी देश की 199 जिला इकाइयां

Meteorological station मध्य प्रदेश के 13 जिलों में जिला कृषि मौसम इकाई संचालित हो रही हैं, जो मार्च के बाद हमेशा के लिए बंद हो जाएंगी। इनमें बालाघाट, ...और पढ़ें

By Neeraj PandeyEdited By: Neeraj Pandey
Publish Date: Fri, 19 Jan 2024 05:38:11 PM (IST)Updated Date: Fri, 19 Jan 2024 06:58:58 PM (IST)
MP Weather: अब किसानों को कैसे मिलेगी मौसम सटीक जानकारी, 31 मार्च के बाद बंद होंगी देश की 199 जिला इकाइयां
देश की 199 जिला कृषि मौसम इकाइयां 31 मार्च के बाद होंगी बंद

HighLights

  1. देश की 199 जिला कृषि मौसम इकाइयां 31 मार्च के बाद होंगी बंद
  2. मौसम विज्ञान विभाग ने सभी कृषि विज्ञान केंद्रों को भेजा पत्र
  3. आर्थिक तंगी से जूझ रहा विभाग

योगेश कुमार गौतम, बालाघाट। किसानों को मौसम का सटीक पूर्वानुमान, फसल संबंधी सावधानियां बताने के लिए वर्ष 2019 से संचालित जिला कृषि मौसम इकाइयां अब बंद होने जा रही हैं। देशभर के 199 कृषि विज्ञान केंद्रों में संचालित इन इकाइयों को 31 मार्च के बाद बंद कर दिया जाएगा। दो दिन पहले भारत मौसम विज्ञान विभाग ने सभी कृषि विज्ञान केंद्रों को पत्र जारी कर इसकी सूचना दी है।

आर्थिक तंगी से जूझ रहा विभाग

जिला कृषि मौसम इकाइयों की स्थापना भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (नई दिल्ली) और भारत मौसम विज्ञान विभाग के बीच वर्ष 2019 में हुए करार (एमओयू) के बाद की गई थी। हालांकि, फरवरी 2022 में भारत मौसम विज्ञान विभाग ने इस योजना को 2026 तक बढ़ाने की घोषणा की थी, लेकिन समय से पहले ही वित्त विभाग की अनुशंसा पर इन इकाइयों को बंद करने का फैसला लिया गया है। इस फैसले के पीछे आर्थिक तंगी बड़ी वजह मानी जा रही है।


जानकारी के अनुसार, देश के 199 कृषि विज्ञान केंद्रों में संचालित प्रत्येक इकाई में दो कर्मचारी (एक कृषि विज्ञानी और एक आब्जर्वर) संविदा पर नियुक्त किए गए थे। देशभर में करीब 400 कर्मचारियों को वेतन के लिए सात से आठ महीनों का लंबा इंतजार करना पड़ता था। अब इनके सामने नौकरी का संकट खड़ा हो गया है।

मप्र के 13 जिलों में हैं ये इकाइयां

बता दें कि मध्य प्रदेश के 13 जिलों में जिला कृषि मौसम इकाई संचालित हो रही हैं, जो मार्च के बाद हमेशा के लिए बंद हो जाएंगी। इनमें बालाघाट, कटनी, रीवा, शहडोल, छतरपुर, दमोह, सिंगरौली, गुना, खंडवा, शिवपुरी, राजगढ़, अशोकनगर और बड़वानी शामिल हैं। मप्र की ये इकाइयां जवाहरलाल नेहरू कृषि विश्वविद्यालय, जबलपुर और राजमाता कृषि विश्वविद्यालय, ग्वालियर द्वारा संचालित हो रही थीं।

कर्मचारियों के वेतन संबंधी कार्य इन विश्वविद्यालयों द्वारा किए जा रहे थे।

जवाहरलाल नेहरू कृषि विश्वविद्यालय जबलपुर के अंतर्गत बालाघाट, कटनी, रीवा, शहडोल, छतरपुर, दमोह, सिंगरौली की इकाइयां, तो ग्वालियर के विश्वविद्यालय के अधीन गुना, खंडवा, शिवपुरी, राजगढ़, अशोकनगर और बड़वानी की इकाइयां शामिल हैं।

31 मार्च के बाद जिला कृषि मौसम इकाइयां बंद की जाएंगी

इस संबंध में भारत मौसम विज्ञान विभाग से पत्र प्राप्त हुआ है। यह निर्णय राष्ट्रीय स्तर पर लिया गया है। इकाइयां क्यों बंद की जा रही हैं, ये स्पष्ट नहीं हैं, लेकिन उम्मीद है कि इकाइयों को नए सिरे से या कुछ बदलावों के साथ दोबारा शुरू किया जा सकता है।

आरएल राउत, वरिष्ठ विज्ञानी व प्रमुख, कृषि विज्ञान केंद्र (बड़गांव)।