
भोपाल। आपातकाल के दौरान एक दिन भी जेल में रहने वालों को प्रदेश सरकार मीसाबंदी पेंशन देगी। इसके लिए नियमों में बदलाव किया जा रहा है। सामान्य प्रशासन विभाग ने छत्तीसगढ़ के फॉर्मूले के तहत पेंशन देने का प्रस्ताव कैबिनेट की मंजूरी के लिए भेज दिया है। इन्हें आठ हजार रुपए प्रतिमाह पेंशन मिलेगी।
सूत्रों के मुताबिक लोकतंत्र सेनानी संघ प्रदेश सरकार से लगातार छत्तीसगढ़ की तर्ज पर मीसाबंदियों को पेंशन देने की मांग कर रहा था। इसके मद्देनजर सरकार ने तय किया है कि आपातकाल के दौरान एक दिन भी जेल में बंद रहे व्यक्तियों को मीसाबंदी पेंशन दे जाएगी। ये राशि आठ हजार रुपए महीना हो सकती है।
बताया जा रहा है कि अगली कैबिनेट में इस बारे में अंतिम निर्णय हो जाएगा। उधर, सरकार के सकारात्मक रुख को देखते हुए मीसाबंदियों की तलाश का काम संगठन के स्तर पर शुरू हो गया है। अभी लगभग 21 सौ लोकतंत्र सेनानियों को स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों की तरह 25 हजार रुपए महीना पेंशन मिल रही है।