
राज्य ब्यूरो, नईदुनिया, भोपाल। गैंग्स्टर लारेंस बिश्नोई के नाम पर प्रदेश के विभिन्न जिलों में लोगों को धमकाने और फिरौती मांगने के मामलों में गिरफ्तार आरोपितों से प्रदेश की स्पेशल टास्क फोर्स (एसटीएफ) की पूछताछ में कई नई जानकारियां सामने आई हैं।
क्या है मामला
एसटीएफ के पास अभी इंदौर, भोपाल, अशोकनगर और खरगोन के सात मामले हैं, जिन पर जांच चल रही है। एसटीएफ के अधिकारियों ने बताया कि इंदौर के दो और नीमच के एक मामले की जांच जिला पुलिस बल द्वारा की जा रही है। शुरुआती जांच पूरी होने के बाद ये प्रकरण भी एसटीएफ को स्थानांतरित हो जाएंगे।
10 करोड़ रुपये या अधिक की फिरौती आरोपितों ने मांगी
बता दें कि अभी तक जितने भी मामले सामने आए हैं, उनमें 10 करोड़ रुपये या अधिक की फिरौती आरोपितों ने मांगी है। जांच में पता चला है कि धमकाने, मकान की रैकी करने, फायरिंग के लिए लोगों की श्रेणी इस तरह से बनाई गई थी कि पूरी कड़ी में आरोपित एक-दूसरे से बात नहीं कर पाएं। समन्वय के लिए अलग टीम काम कर रही थी।
एक साथ बैठाकर पूछताछ भी की जा सकेगी
उधर, जांच और गिरफ्तार आरोपितों से पूछताछ में लारेंस के खास गुर्गे हैरी बाक्सर का संपर्क सामने आने के बाद पुलिस मामलों की जांच में और गंभीर हो गई है। एक शाखा (एसटीएफ) के पास जांच होने से अपराधियों के नेटवर्क की जांच और धरपकड़ बेहतर तरीके से की जा सकेगी। आवश्यक होने पर एक साथ बैठाकर पूछताछ भी की जा सकेगी।
एसटीएफ ने अभी तक अशोकनगर केस में चार और भोपाल केस में तीन आरोपितों को गिरफ्तार किया है। इनमें एक महिला भी है। ये उत्तर प्रदेश, राजस्थान और मध्य प्रदेश के रहने वाले हैं।
लारेंस बिश्नोई के नाम का लाभ उठाकर कोई फिरौती मांग
लगभग तीन माह में प्रदेश में धमकी और फिरौती मांगने के 10 मामलों में एफआईआर हुई है। शुरू में पुलिस को संदेह था कि लारेंस बिश्नोई के नाम का लाभ उठाकर कोई फिरौती मांग रहा है, पर आरोपितों से पूछताछ में पता चला कि वे सीधा हैरी बाक्सर से चैटिंग एप के माध्यम से बात करते थे।
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