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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Feb 14, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

MP Assembly Budget Session: नर्मदा की स्वच्छता को लेकर मंत्री विजयवर्गीय की बड़ी घोषणा, बोले- दो साल में नालों की गंदगी मिलने से पूरी तरह रोक देंगे

जल जीवन मिशन के अंतर्गत हो रहे कामों को लेकर कांग्रेस ने लगाया अनियमितता का आरोप। पूरे प्रदेश में जांच करने की उठाई मांग। सरकार द्वारा सहमत नहीं होने ...और पढ़ें

By Ravindra SoniEdited By: Ravindra Soni
Publish Date: Wed, 14 Feb 2024 12:04:00 PM (IST)Updated Date: Wed, 14 Feb 2024 02:28:31 PM (IST)
MP Assembly Budget Session: नर्मदा की स्वच्छता को लेकर मंत्री विजयवर्गीय की बड़ी घोषणा, बोले- दो साल में नालों की गंदगी मिलने से पूरी तरह रोक देंगे
प्रतीकात्मक चित्र

भोपाल। मप्र की 16वीं विधानसभा का पहला बजट सत्र चालू है। आज सत्र के छठवें दिन विधानसभा में सदन की कार्यवाही शुरू होते ही बैतूल में एक आदिवासी को निर्वस्त्र कर उल्टा लटकाकर पीटने की घटना की गूंज सुनाई दी। नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने इस मामले में सीधे मुख्यमंत्री डा. मोहन यादव पर निशाना साधा, जो फिलहाल गृह विभाग का भी दायित्व संभाल रहे हैं। उमंग सिंघार ने सीएम से मुखातिब होते हुए कहा कि गृह विभाग आपके पास है। लेकिन आपका उसको लेकर कोई ध्यान नहीं है। इस तरह की घटनाएं प्रदेश में घटित होना शर्मनाक है।

विधानसभा में नर्मदा नदी में मिल रहे गंदे नालों को लेकर ध्यानाकर्षण के दौरान हंगामा हुआ। कांग्रेस के जबलपुर से विधायक लखन घनघोरिया ने ध्यानाकर्षण के माध्यम से इस मुद्दे को उठाते हुए कहा कि वर्षों से एक ही जवाब दिया जा रहा है, लेकिन धरातल पर स्थित कुछ और ही है। गंदे नालों का पानी मां नर्मदा में मिल रहा है। वह हमारी धार्मिक आस्थाओं का केंद्र है।


नगरीय प्रशासन एवं आवास मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने इसका उत्तर देते हुए कहा कि मुख्यमंत्री ने जब यह ध्यानाकर्षण आया तो फोन कर कहा कि यह पूरे प्रदेश से जुड़ा हुआ विषय है। सरकार पूरी तरह से गंभीर है और यह आश्वासन देती है कि आगामी 2 वर्ष में नर्मदा नदी में गंदे नालों के पानी को मिलने से रोकेगी। इसके लिए कार्ययोजना बनाकर कार्य किया जाएगा।

चर्चा के दौरान जब भाजपा के सदस्यों ने यह कहा कि महापौर चुनाव के समय 100 दिन में नर्मदा नदी में गंदे नाले को मिलने से रोकने की घोषणा की गई थी, पर कुछ नहीं हुआ। इस पर लखन घनघोरिया ने कहा कि ऐसा लगता है कि मां नर्मदा भगवान शिव की मानस पुत्री नहीं बीजेपी की मानस पुत्री है। उनकी इस टिप्पणी को लेकर हंगामा हो गया। सत्ता पक्ष के सदस्यों ने आपत्ति जताई। लोक निर्माण मंत्री राकेश सिंह ने कहा कि इस तरह की अमर्यादित टिप्पणी को बर्दाश्त नहीं किया जा सकता है।

नगरीय विकास एवं आवास मंत्री ने कहा कि सरकार पूरी गंभीरता के साथ अपनी बात रख रही है लेकिन मां नर्मदा, जो हम सबके लिए आस्था का केंद्र है उसको लेकर ऐसी टिप्पणी करना बर्दाश्त नहीं किया जा सकता है। लखन घनघोरिया को सदन में माफी मांगनी चाहिए। काफी देर तक इस पर दोनों पक्षों की ओर से इस पर बस होती रही। सभापति राजेंद्र कुमार सिंह ने कहा कि कार्यवाही को देखने के बाद यह निर्णय लिया जाएगा कि क्या और कितना विलोपित किया जाना है।

प्रश्नकाल के दौरान कांग्रेस के सदस्यों ने नल जल योजना के माध्यम से घर-घर पेयजल की सुविधा उपलब्ध कराई जाने के कार्य में होने वाली गड़बड़ियों के विषय को उठाते हुए जांच करने की मांग की लेकिन सत्ता पक्ष की ओर से कहा गया कि ऐसे पूरे प्रदेश में जांच नहीं कराई जा सकती है। जो विषय सदस्यों द्वारा सामने ले जाएंगे, उनकी जांच अवश्य कराई जाएगी। सरकार ना तो भ्रष्टाचार को बर्दाश्त करेगी और ना ही अनियमितता करने वाले किसी भी अधिकारी को संरक्षण दिया जाएगा। यह हमारी गारंटी है।

इसको लेकर कांग्रेस के सदस्यों ने कहा कि सरकार द्वारा लगातार कोरी गारंटियां दी जा रही हैं, जो जमीनी हकीकत है उसे नजरअंदाज किया जा रहा है। जब सदस्य यह बात रख रहे हैं कि गांव में नल जल योजना के अंतर्गत निम्नस्तरीय कार्य हुआ है और घरों में पानी नहीं पहुंच रहा है तो फिर जांच करने में क्या कठिनाई है। करीब 45 मिनट तक प्रश्नकाल के दौरान इसी विषय को लेकर चर्चा होती रही और फिर जब जांच का कोई ठोस आश्वासन नहीं मिला तो कांग्रेस के सदस्यों ने बाहिर्गमन कर दिया।