
भोपाल। मध्य प्रदेश विधानसभा के मानसून सत्र में आज मंत्री इन्दर सिंह परमार ने कहा कि यह विधयक में संसोधन राष्ट्रीय शिक्षा नीति के मापदंडों को पूरा करने के लिए है. ताकि यदि कोई निजी विश्वविद्यालय खोलना चाहता है अपना निवेश करना चाहता है उसको सरलता मिले। एक सदस्य ने टांटिया मामा भील विश्वविद्यालय में शिक्षकों की कमी का मुद्दा उठाया।
मंत्री ने कहा उनको बताना चाहता हूं कि उनकी प्रक्रिया चल रही है। 2 महीने में भर्ती प्रक्रिया हो जाएंगे क्योंकि मैं विश्वविद्यालय को स्थापित होने में चार-पांच साल स्वाभाविक रूप से लगते हैं।
प्रवेश को लेकर के हमने नीति बनाई है पिछले साल से की तुलना में आज की तारीख में हमारे एडमिशन ज्यादा है हम कोशिश करेंगे 31 जुलाई तक पूरे एडमिशन हो जाये।
सत्र समय पर चले फिर परीक्षा समय पर कराय. शक्ति के साथ में परीक्षाएं समय पर करेंगे। डिजिटल वेल्यूशन से कॉपी जांचने वाले के पास पहुंचेंगे समय पर कॉपी वापस हो जाए इसकी चिंता करते।
हम डिजिटल वैल्यूएशन पर आगे बढ़ रहे हैं मध्य प्रदेश के एक भी विश्वविद्यालय में प्रश्न पत्र लिक से संबंधित कोई भी शिकायत प्राप्त नहीं होती है जहां से शिकायत मिलती थी उनका ठीक करने का प्रयास किया है.
5 करोड़ की निधि की जो बात हो रही है हम उसके लिए भी प्रावधान कर रहे हैं कि यदि कोई विश्वविद्यालय बंद होता है तो छात्रों की पढ़ाई पर कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा। 25 एकड भूमि को कम कर रहे, लेकीन जरुरत के अनुसार प्रविधान होगा।