MP Board Helpline: नवदुनिया प्रतिनिधि, भोपाल। 10वीं व12 वीं की बोर्ड परीक्षा देने वाले विद्यार्थियों के लिए मनोविज्ञानियों की सलाह है कि मानसिक संतुलन ठीक रहेगा तो वे अच्छा प्रदर्शन करेंगे। अब रातों-रात पढ़ने से नंबर नहीं बढ़ने वाले हैं। समय-प्रबंधन कर पढ़ाई में संतुलन बनाएं और नए बिंदु पढ़ने के बजाए बिंदुवार रिवीजन करें।
पांच फरवरी से शुरू हो रही परीक्षाओं को लेकर आखिरी समय में विद्यार्थी तनाव में आकर दिन-रात पढ़ाई कर रहे हैं। मध्य प्रदेश माध्यमिक शिक्षा मंडल की हेल्पलाइन में हर रोज करीब 800 से 900 विद्यार्थियों के फोन आ रहे हैं। दो तरह की समस्याएं ज्यादा बताई जा रही हैं। कुछ विद्यार्थी 12 से 14 घंटे सो रहे हैं, तो कुछ विद्यार्थियों को परीक्षा के तनाव के चलते नींद नहीं आ रही है।
12 वीं के एक विद्यार्थी का सवाल- परीक्षा के तनाव के कारण नींद नहीं आ रही है, क्या करूं?
जवाब - बोर्ड परीक्षा भी अन्य परीक्षाओं की तरह ही है। अब कम समय बचा है इसलिए दिन-रात पढ़ने की नीति सही नहीं है। तय समय पर पढ़ने के बाद शांत चित्त होकर बिस्तर पर जाएं और अच्छी नींद लें, तब ही पढ़ाई बेहतर हो पाएगी।
एक अभिभावक का सवाल - बेटी 10 वीं में है। दिनभर इंटरनेट मीडिया पर एक्टिव होने के कारण देर रात तक जागती रहती है और सुबह 11 बजे तक सोती रहती है। वह बिल्कुल पढ़ाई नहीं कर रही है, क्या करें?
जवाब - अभी साल भर की गई पढ़ाई की बेहतर परफार्मेंस देने का समय है। इस कारण अभी पढ़ाई पर ही ध्यान केंद्रित करें।
12 वीं के एक छात्र का सवाल - परीक्षा में पांच दिन बचे हैं, ऐसे में ना तो नींद आ रही है और ना ही भूख लग रही है।
जवाब - साल भर जितनी पढ़ाई की है, उतने का अभ्यास करें। अब दिन-रात जागकर पढ़ाई से बहुत फायदा नहीं है।
आपका मानसिक स्वास्थ्य ठीक रहेगा तो आप परीक्षा ठीक से दे पाएंगे। पूरी नींद लें और तनाव बिल्कुल ना लें। - कविता चौबे, मनोविज्ञानी
मेरे पास 70 प्रतिशत ऐसे मामले आ रहे हैं, जिसमें विद्यार्थियों में वास्तविकता से परे अपने आप से अपेक्षाएं अधिक हो गई है। उन्हें वास्तविकता से पहचान कराई जा रही है। - मेधा वाजपेयी, काउंसलर
- नींद पूरी लें, इससे समझौता नहीं करें।
- स्क्रीन का समय जीरो करें।
- देर रात जागने का प्रयास नहीं करें।
- देर तक जगने के लिए चाय व काफी का सहारा नहीं लें।
- खुद पर भरोसा रखें कि तैयारी पूरी है।
- खुद से अधिक अपेक्षाएं नहीं पालें।
- बच्चों से अच्छा संवाद स्थापित करें।
- बच्चों को तीखे कमेंट ना दें।
- बच्चों को नींद और डाइट का विशेष ध्यान दें।
- बच्चों को ऐसी सहजता उपलब्ध कराएं कि वह बता सके कि उसका पेपर कैसा गया।
- बच्चों का आकलन कर उनसे उनके बराबर ही उनसे उम्मीद रखें।
- बच्चों की दूसरों से तुलना नहीं करें।