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MP बोर्ड में अब 10वीं में सात और 12वीं में छह विषय की देनी होगी परीक्षा, प्रोफेशनल कोर्स का एक सब्जेक्ट लेना जरूरी

मध्यप्रदेश में स्कूली शिक्षा व्यवस्था में बड़ा बदलाव करने की तैयारी है। राष्ट्रीय शिक्षा नीति के तहत अब विद्यार्थियों को पारंपरिक पढ़ाई के साथ-साथ व्य...और पढ़ें

By Anjali raiEdited By: Mohan Kumar
Publish Date: Sat, 04 Apr 2026 07:36:29 AM (IST)Updated Date: Sat, 04 Apr 2026 07:39:19 AM (IST)
MP बोर्ड में अब 10वीं में सात और 12वीं में छह विषय की देनी होगी परीक्षा, प्रोफेशनल कोर्स का एक सब्जेक्ट लेना जरूरी
MP में 10वीं में सात और 12वीं में छह विषय की परीक्षा देना अनिवार्य होगा (फाइल फोटो)

HighLights

  1. MP में 10वीं में सात और 12वीं में छह विषय की परीक्षा देना अनिवार्य होगा
  2. व्यावसायिक शिक्षा को बढ़ावा देने की तैयारी, स्कूल शिक्षा विभाग ने भेजा प्रस्ताव
  3. रिजल्ट तैयार करते समय पांच सर्वाधिक अंकों वाले विषयों को शामिल किया जाएगा

नवदुनिया प्रतिनिधि, भोपाल। मध्यप्रदेश में स्कूली शिक्षा व्यवस्था में बड़ा बदलाव करने की तैयारी है। राष्ट्रीय शिक्षा नीति के तहत अब विद्यार्थियों को पारंपरिक पढ़ाई के साथ-साथ व्यावसायिक शिक्षा भी अनिवार्य रूप से पढ़नी होगी। स्कूल शिक्षा विभाग ने इस संबंध में एक प्रस्ताव शासन को भेजा है, जिस पर मंजूरी मिलते ही यह नियम वर्ष 2026-27 से लागू किया जाएगा।

इस के अनुसार अब कक्षा 9वीं से 12वीं तक के विद्यार्थियों को राष्ट्रीय कौशल योग्यता ढांचा(एनएसक्यूएफ) के तहत एक व्यावसायिक विषय लेना अनिवार्य होगा। पहले यह व्यवस्था वैकल्पिक थी, लेकिन अब इसे अनिवार्य बनाने की दिशा में कदम उठाया गया है, ताकि विद्यार्थियों को पढ़ाई के साथ-साथ रोजगारपरक कौशल भी मिल सके।


10वीं में सात विषयों की होगी परीक्षा

इसके तहत कक्षा 10वीं के विद्यार्थियों को अब सात विषयों की परीक्षा देनी होगी। इसमें हिंदी, अंग्रेजी, संस्कृत, विज्ञान, गणित, सामाजिक विज्ञान के साथ-साथ एक व्यावसायिक विषय शामिल होगा। सभी विषयों की परीक्षा देना अनिवार्य होगा, लेकिन रिजल्ट तैयार करते समय छह सर्वश्रेष्ठ विषयों (बेस्ट ऑफ सिक्स) के आधार पर अंक जोड़े जाएंगे। इससे पहले बेस्ट ऑफ फाइव प्रणाली लागू थी, जिसे अब समाप्त करने की तैयारी है। हालांकि, मुख्य विषयों में पास होना अनिवार्य रहेगा, जिससे विद्यार्थियों की बुनियादी शैक्षणिक योग्यता बनी रहे।

12वीं में भी जुड़ेगा एक अतिरिक्त विषय

इसी तरह कक्षा 12वीं में भी अब पांच की बजाय छह विषयों की परीक्षा देनी होगी। इसमें भी एक व्यावसायिक विषय जोड़ा जाएगा। वहीं रिजल्ट तैयार करते समय पांच सर्वाधिक अंकों वाले विषयों को शामिल किया जाएगा। रोजगार से जुड़े कई व्यावसायिक पाठ्यक्रमप्रदेश के स्कूलों में पहले से ही कई व्यावसायिक पाठ्यक्रम संचालित हो रहे हैं।

कक्षा 9वीं और 10वीं में डाटा एंट्री ऑपरेटर, जूनियर फील्ड टेक्नीशियन, असिस्टेंट ब्यूटी थेरेपिस्ट, रिटेल स्टोर ऑपरेशन, प्राइवेट सिक्योरिटी गार्ड, फूड एंड बेवरेज सर्विस, सिलाई मशीन आपरेटर, फोर व्हीलर सर्विस और इलेक्ट्रानिक सर्विस जैसे कोर्स शामिल हैं। वहीं 11वीं और 12वीं में जूनियर सॉफ्टवेयर डेवलपर, सोलर पैनल टेक्नीशियन, ड्रोन सर्विस टेक्नीशियन, सीसीटीवी आपरेटर, फ्लोरीकल्चर और टेलरिंग जैसे पाठ्यक्रम विद्यार्थियों को नई तकनीकों से जोड़ रहे हैं।

यह भी पढ़ें- एमपी बोर्ड का बड़ा झटका, 10वीं-12वीं परीक्षा फीस में 80% तक की भारी बढ़ोतरी; 'बेस्ट ऑफ फाइव' सिस्टम भी खत्म

विद्यार्थियों में कौशल विकास के लिए नौवीं से 12वीं तक में एक विषय व्यावसायिक का अनिवार्य होगा। अभी तक वैकल्पिक था।इससे 10वीं में विद्यार्थी सात विषय और 12वीं में छह विषय की परीक्षा देंगे।इसका प्रस्ताव शासन को भेजा गया है। अनुमति मिलते ही इस पर कार्यवाही की जाएगी।बुद्धेश कुमार वैद्य, सचिव, माशिमं।