MP Budget 2022: भोपाल (राज्य ब्यूरो)। आठ मार्च को विधानसभा में पेश होने वाले बजट में आगामी विधानसभा चुनाव की तैयारी की झलक दिखाई देगी। चुनावी साल यानी मिशन 2023 से पहले के इस बजट में सरकार का पूरा जोर रहेगा कि सभी वर्गों को साधा जाए। सत्ताधारी दल भाजपा ने अपने विधायकों से भी स्थानीय विकास से संबंधित प्रस्ताव मांगे हैं, जिससे स्पष्ट है कि बजट में ग्रामीण अधोसंरचना पर फोकस किया जाएगा। अधोसंरचना विकास के साथ बच्चे, महिला, किसान, मजूदर, कर्मचारी और व्यापारी वर्ग को साधने के जतन बजट के माध्यम से किए जाएंगे। नवाचार करते हुए पहली बार चाइल्ड बजट प्रस्तुत किया जाएगा। सरकार को मैदानी काम दिखाने के लिए वित्तीय वर्ष 2022-23 काफी महत्वपूर्ण रहेगा।
किसान- प्रदेश में एक करोड़ 07 लाख किसान हैं। इनमें से 67 प्रतिशत के पास दो हेक्टेयर से कम भूमि है। सरकार का फोकस इन्हीं किसानों पर है। उनकी उपज खरीदने के लिए न्यूनतम समर्थन मूल्य पर खरीद का कार्यक्रम जारी रखा जाएगा। इसमें गड़बड़ी को रोककर वास्तविक किसानों को लाभांवित किया जाएगा। कृषि उपकरणों की सहज उपलब्धता के लिए कस्टम हायरिंग सेंटर का दायरा बढ़ाया जाएगा। इसमें ड्रोन सहित नए उपकरण शामिल किए जाएंगे।
कस्टम प्रोसेसिंग सेंटर योजना में भी बदलाव किया जाएगा ताकि छोटे किसानों को भी प्रसंस्करण की सुविधा मिल सके। मोटे अनाज की खेती को बढ़ावा देने के लिए मिलेट मिशन में अधिक प्रविधान रखना प्रस्तावित है। ब्याज रहित कृषि ऋण के लिए आठ सौ करोड़ रुपये से अधिक रखे जाएंगे। प्राकृतिक और जैविक खेती को बढ़ावा देने के लिए मार्केटिंग और ब्रांडिंग की व्यवस्था बनेगी। निर्यात को बढ़ावा देने के लिए जीआइ टैग हासिल करने की प्रक्रिया को तेज किया जाएगा। बिजली बिलों पर अनुदान की व्यवस्था बरकरार रहेगी।
मजदूर- प्रदेश में कुशल और अर्द्धकुशल मजूदरों को रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने के लिए कौशल उन्न्यन के कार्यक्रमों का विस्तार किया जाएगा। संबल योजना को नए स्वरूप में लागू करने की घोषणा मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान कर चुके हैं। इसके दायरे में अन्य योजनाओं को लाया जाएगा। इसकी रूपरेखा बजट में प्रस्तुत होगी। रोजगार सेतु पोर्टल के माध्यम से पंजीकृत श्रमिकों को रोजगार दिलाने की पहल का प्रभावी क्रियान्वयन किया जाएगा।
बच्चे और महिला- प्रदेश में पहली बार चाइल्ड बजट प्रस्तुत किया जाएगा। इसमें सभी विभागों द्वारा बच्चों के ऊपर खर्च की जाने वाली राशि को एकजाई करते हुए अधिकारियों की जिम्मेदारी तय होगी। महिला एवं बाल विकास विभाग हर विभाग के लिए लक्ष्य निर्धारित करेगा। लाडली लक्ष्मी योजना के सकारात्मक परिणाम सामने आने पर अब इसके दूसरे चरण के लिए प्रविधान किए जाएंगे। इसमें उच्च शिक्षा के लिए छात्राओं को प्रोत्साहित किया जाएगा। 50 कालेजों का बहुसंकाय में उन्न्यन करने के साथ संभागीय मुख्यालय पर उत्कृष्ट संस्थान की स्थापना की जाएगी। महिलाओं को स्वरोजगार से जोड़ने के लिए स्व-सहायता समूह को नए क्षेत्रों से जोड़ा जाएगा। बैंकों से ऋण दिलाकर इन्हें आत्मनिर्भर बनाया जाएगा।
कर्मचारी- बजट में कर्मचारियों और पेंशनर का महंगाई भत्ता व राहत बढ़ाने के लिए 31 प्रतिशत के हिसाब से विभागों के बजट में प्रविधान होगा। वेतन में तीन प्रतिशत की वृद्धि के हिसाब से राशि आरक्षित रखी जाएगी। केंद्र सरकार की तुलना में राज्य के कर्मचारियों को आठ प्रतिशत महंगाई भत्ता कम मिल रहा है। इसके लिए प्रविधान किया जाएगा।
व्यापारी- व्यापारी वर्ग के करों से जुड़े लंबित मामलों को सुलझाने के लिए एकमुश्त समाधान योजना लागू करने के साथ भामाशाह योजना को निरंतर रखने की घोषणा बजट में की जा सकती है।
मप्र में कुल मतदाता-5,36,17,266
महिला-2,58,26,293
पुरूष-2,77,89,621
थर्ड जेंडर-1352
किसान- 1,07,59, 679
मजदूर-1,49, 98,659
कर्मचारी- 10,21 ,392