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MP Budget 2026: ‘स्मार्ट' शिक्षा और ‘हाईटेक’ स्वास्थ्य की उम्मीद, पर्यटन को चाहिए नई रफ्तार

Madhya Pradesh Budget 2026: मध्य प्रदेश विधानसभा में पेश होने वाले बजट से प्रदेश के अलग-अलग क्षेत्र कई उम्मीदें लगाए हुए हैं। इसको लेकर शिक्षा, स्वास्थ्य और पर्यटन जगत के विशेषज्ञों ने अपनी सामने रखी हैं। उनका साफ कहना है कि आधुनिक तकनीक के उपयोग और पर्याप्त संख्या में स्टाफ होने से प्रदेश आगे बढ़ेगा।

By Digital DeskEdited By: Prashant Pandey
Publish Date: Sat, 24 Jan 2026 09:56:15 AM (IST)Updated Date: Sat, 24 Jan 2026 10:07:18 AM (IST)
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MP Budget 2026: ‘स्मार्ट' शिक्षा और ‘हाईटेक’ स्वास्थ्य की उम्मीद, पर्यटन को चाहिए नई रफ्तार
भोपाल स्थित मध्य प्रदेश विधानसभा की फाइल फोटो।

HighLights

  1. बजट 2026-27 से विशेषज्ञों को ठोस बदलावों की अपेक्षा, घोषणाओं से आगे बढ़ने की मांग
  2. राष्ट्रीय शिक्षा नीति के प्रभावी क्रियान्वयन को लेकर बजट में विशेष प्रविधान की मांग
  3. 70 प्रतिशत जंगल होने के बावजूद बजट में वन्य जीव पर्यटन के लिए विशेष प्रविधान नहीं

नईदुनिया प्रतिनिधि, भोपाल। मध्य प्रदेश के आगामी बजट (2026-27) को लेकर शिक्षा, स्वास्थ्य और पर्यटन जगत के विशेषज्ञों ने अपनी उम्मीदें सामने रखी हैं। इनका मानना है कि इस बार के बजट में केवल घोषणाएं नहीं, बल्कि धरातल पर बदलाव लाने वाले ठोस प्रविधान होने चाहिए। विशेषज्ञों ने साफ किया है कि अब वक्त केवल घोषणा करने का नहीं, बल्कि उनमें आधुनिक तकनीक और पर्याप्त स्टाफ की व्यवस्था करने का है।

शिक्षा : भवन के साथ कौशल विकास पर हो जोर

राष्ट्रीय शिक्षा नीति के प्रभावी क्रियान्वयन को लेकर शिक्षाविदों ने बजट में विशेष प्रविधान की मांग की है। शिक्षाविद डीएस राय का कहना है कि सरकारी स्कूलों के भवनों के साथ-साथ मूलभूत सुविधाओं पर बजट खर्च होना चाहिए। उन्होंने चिंता जताई कि बजट बढ़ तो रहा है, लेकिन उसका सही उपयोग और उनसे क्रियान्वयन नहीं हो पा रहा है।


एआई तकनीक और डाक्टरों के लिए आवास पहली प्राथमिकता हो

स्वास्थ्य क्षेत्र में इस बार तकनीक और मानव संसाधन के बीच संतुलन बनाने की मांग सबसे प्रबल है। मेडिकल विशेषज्ञों का कहना है कि बजट का मुख्य स्तंभ स्वास्थ्य होना चाहिए। कैंसर और हृदय रोग जैसी बीमारियों की शुरुआती पहचान के लिए एआइ स्टार्टअप्स को विशेष अनुदान दिया जाना चाहिए। पूर्व सिविल सर्जन डॉ. इंद्र कुमार चुघ ने एक गंभीर समस्या की ओर ध्यान आकर्षित करते हुए कहा कि नए अस्पतालों में इमारतें तो बन गई हैं, लेकिन वहां स्टाफ की कमी है।

उन्होंने मांग की है कि डॉक्टरों और स्टाफ के लिए अस्पताल परिसर में ही स्टाफ क्वार्टर बनाए जाएं। चिकित्सा बजट को जीडीपी के छह प्रतिशत से अधिक किया जाए। कैशलेस हेल्थ इंश्योरेंस की सीमा 35 लाख रुपये तक बढ़ाई जाए।

वन्य जीव और कनेक्टिविटी से बढ़ेगा राजस्व

मध्य प्रदेश को 'वाइल्ड लाइफ कैपिटल' के रूप में पहचान दिलाने वाले विशेषज्ञों ने पर्यटन क्षेत्र में निवेश बढ़ाने की वकालत की है। पर्यटन विशेषज्ञ सुरेश पटवा का कहना है कि प्रदेश में 70 प्रतिशत जंगल होने के बावजूद बजट में वन्य जीव पर्यटन के लिए विशेष प्रविधान नहीं हैं।

जबकि वन्य जीवों को देखने के लिए यहां पर्यटक दुनिया भर से आते हैं। राष्ट्रीय अभयारण्यों पर बड़े होटल चेन की कोई इकाई भी नहीं है। मध्य प्रदेश पर्यटन टूरिस्ट बसों का संचालन कर सकता है, जो टूर पैकेज में पर्यटकों को यात्राएं करा सकती हैं, लेकिन कोई पैकेज नहीं उपलब्ध नहीं है।

बजट से ये आशाएं

बजट में कृत्रिम बुद्धिमता उत्कृष्टता केंद्र और राष्ट्रीय कौशल उत्कृष्टता केंद्रों की स्थापना के प्रविधान होने चाहिए, जो युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर और वैश्विक चुनौतियों का सामना करने में सहायक होगा। - डॉ. महिपाल सिंह यादव, शिक्षाविद

पर्यटकों के सामने ड्राइवरों से वसूली

ढांचागत विकास, रोड पर काम करने की जरूरत है। कूनो नेशनल पार्क, खंडवा आदि के लिए सड़कें अच्छी होनी चाहिए। इसी प्रकार सुरक्षा व्यवस्था पर ध्यान देने की जरूरत है। प्रशासनिक व्यवस्था में नियमों के एकीकरण की जरूरत है, जो सभी स्थलों के लिए समान हो। पर्यटकों के आवागमन के लिए प्राइवेट टूर एंड टैक्सी आपरेटरों की गाड़ियों पर टैक्स अधिक है। ड्राइवरों से पुलिस और आरटीओ का व्यवहार भी अच्छा नहीं होता। पर्यटकों के सामने ड्राइवरों से वसूली होने से शहर और राज्य का नाम बदनाम होता है। - राजेश बुधौलिया, टूर एंड ट्रेवल्स संचालक

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