
डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। भोपाल में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में आयोजित कैबिनेट बैठक में जनहित और बुनियादी ढांचे से जुड़े कई महत्वपूर्ण प्रस्तावों को स्वीकृति प्रदान की गई। बैठक में लिए गए निर्णयों की जानकारी देते हुए मंत्री नरेंद्र शिवाजी पटेल ने बताया कि राज्य सरकार ने ₹90 हजार करोड़ की लागत वाले विकास कार्यों को वर्ष 2031 तक निरंतर जारी रखने का प्रशासनिक अनुमोदन दिया है।
इन स्वीकृत कार्यों में ₹13,000 करोड़ से अधिक की लागत वाली महत्वपूर्ण सिंचाई परियोजनाएं भी शामिल हैं। इसके अतिरिक्त शिक्षा, न्याय और कृषि क्षेत्र से जुड़े कई अहम प्रस्तावों पर मुहर लगाई गई।
कैबिनेट ने जनजातीय कार्य विभाग के अंतर्गत वर्ष 1973-74 से 1997-98 के मध्य नियुक्त हुए विभिन्न संवर्गों के शिक्षकों के हित में बड़ा फैसला लिया है। इसके तहत उप शिक्षक, उपशाला शिक्षक, प्रशिक्षण प्राप्त शिक्षक, कनिष्ठ बोर्ड व ऑपरेशन ब्लैक बोर्ड योजना के माध्यम से नियुक्त शिक्षकों तथा सहायक शिक्षकों को उनकी मूल नियुक्ति तिथि से नियमित वेतनमान देने के प्रस्ताव को मंजूरी दी गई है। इसके साथ ही उन्हें बकाया एरियर राशि के भुगतान की भी स्वीकृति प्रदान की गई है।
इसके अलावा, वर्ष 2016-17 में माध्यमिक शालाओं के उन्नयन से बने चार हाई स्कूलों के लिए आवश्यक पदों के सृजन और संरचना को भी हरी झंडी दी गई।
जल संसाधन क्षेत्र को मजबूती देने के उद्देश्य से जल संसाधन विभाग के अंतर्गत 'चंदेरी माइक्रो सिंचाई परियोजना' को निरंतर चलाने तथा 'गोंड वृहद सिंचाई परियोजना' को वर्ष 2031 तक जारी रखने का निर्णय लिया गया है। ये दोनों परियोजनाएं ₹13,000 करोड़ से अधिक के बड़े सिंचाई बजट का हिस्सा हैं, जिनसे प्रदेश के बड़े हिस्से में सिंचाई क्षमता का विस्तार होगा।
बैठक में राज्य सरकार द्वारा लिए गए कई अन्य नीतिगत प्रस्तावों को भी मंजूरी मिली...