
डिजिटल डेस्क। मध्य प्रदेश में सोमवार (22 सितंबर) को आयोजित कैबिनेट बैठक में राज्य सरकार ने आम नागरिकों के हित में कई महत्वपूर्ण फैसलों पर मुहर लगाई। कैबिनेट में लिए गए निर्णयों की जानकारी देते हुए कैबिनेट मंत्री चैतन्य कश्यप ने बताया कि प्रदेश में मध्य प्रदेश सड़क परिवहन निगम (रोडवेज) के बंद होने के बाद यात्रियों की सुविधा के लिए 'मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा' का शुभारंभ 25 सितंबर से किया जा रहा है।
भोपाल से आयोजित होने वाले इस राज्य स्तरीय कार्यक्रम में केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगे और 350 बसों को हरी झंडी दिखाकर रवाना करेंगे।
सरकार द्वारा तैयार किए गए इस नए और व्यवस्थित परिवहन मॉडल के तहत दूरदराज के ग्रामीण क्षेत्रों को शहरों और प्रमुख मार्गों से जोड़ा जाएगा। वर्तमान में संचालित बसों के साथ-साथ इस बेड़े में आधुनिक इलेक्ट्रिक बसों को भी चरणबद्ध तरीके से शामिल किया जाएगा।
यात्रियों की सुरक्षा और सुविधा को ध्यान में रखते हुए सभी बसों में सीसीटीवी कैमरे और जीपीएस (GPS) ट्रैकिंग सिस्टम लगाए जाएंगे। इससे यात्री मोबाइल या डिजिटल माध्यम से बस की सटीक लोकेशन, दूरी और समय-सारणी का पता लगा सकेंगे, जिससे समय की बचत होगी और यात्रा अधिक सुलभ बनेगी।
कैबिनेट निर्णय के अनुसार, राज्य सरकार वर्ष 2030-31 तक प्रदेश भर में कुल 14,981 बसों का नेटवर्क तैयार करेगी। मंत्री चैतन्य कश्यप ने स्पष्ट किया कि सरकार खुद की बसें चलाने के बजाय प्राइवेट बस ऑपरेटरों की शत-प्रतिशत भागीदारी के साथ यह सेवा संचालित करेगी।
हालाँकि, यात्रियों को मिलने वाली सुविधाओं और किराए की मॉनिटरिंग सरकार द्वारा वैज्ञानिक तरीके से की जाएगी। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव खुद इस महत्वाकांक्षी परिवहन मॉडल के अध्यक्ष हैं। इस तरह का वैज्ञानिक और पीपीपी (PPP) आधारित मॉडल लागू करने वाला मध्य प्रदेश देश का पहला राज्य बन गया है।
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