
नईदुनिया प्रतिनिधि, भोपाल। रक्षाबंधन से पहले दूध, घी, मावा, पनीर और अन्य दुग्ध उत्पादों में मिलावट की आशंका को देखते हुए मध्य प्रदेश में खाद्य सुरक्षा प्रशासन ने विशेष अभियान चलाया। 20 जुलाई से 10 अगस्त तक चले 22 दिन के अभियान में प्रदेशभर से 2,234 नमूने लिए गए और 44,407 किलो दूध एवं दुग्ध उत्पाद जब्त किए गए। जब्त सामग्री की अनुमानित कीमत 2.73 करोड़ रुपये है।
खाद्य प्रयोगशाला में प्राथमिकता के आधार पर जांचे गए 321 नमूनों में 248 मानक, 73 अमानक और 14 असुरक्षित पाए गए। असुरक्षित नमूनों में डिटर्जेंट सहित अन्य खतरनाक रासायनिक पदार्थों की मौजूदगी सामने आई है।
खाद्य एवं औषधि प्रशासन के नियंत्रक मनोज पुष्प ने बताया कि मुख्यमंत्री के निर्देश पर दूध, घी, मावा, पनीर सहित सभी दुग्ध उत्पादों की लगातार जांच की जा रही है। त्योहारी सीजन को देखते हुए संदिग्ध खाद्य सामग्री की जब्ती के साथ निगरानी और कार्रवाई जारी रखने के निर्देश खाद्य सुरक्षा अधिकारियों को दिए गए हैं।
असुरक्षित पाए गए नमूनों के निर्माण स्रोत का पता लगाया जा रहा है। इसके बाद जब्ती और लाइसेंस निलंबन की कार्रवाई की जा रही है। द्वारकेश, शगुन, गोवर्धन, दानेदार, भूमि, धौलपुर फ्रेश, वास्तु और गोपी श्री घी के नमूने असुरक्षित पाए गए हैं। संबंधित कारोबारियों के खिलाफ खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम, 2006 के तहत कार्रवाई की जा रही है।
विभाग ने 25 से अधिक संदिग्ध घी ब्रांडों के नमूने लिए हैं। इनमें जो ब्रांड अमानक पाए जाएंगे, उनके खिलाफ प्रतिबंधात्मक कार्रवाई प्रस्तावित है। त्योहार से पहले घी के बाजार में सामने आए इन मामलों ने मिलावट को लेकर चिंता बढ़ा दी है।
भोपाल में खाद्य सुरक्षा प्रशासन ने डेयरियों, मावा कारोबारियों और घी वितरकों की जांच के दौरान 5,116 किलो घी और 171 किलो पनीर जब्त किया। यानी कुल 5,287 किलो दुग्ध उत्पाद कार्रवाई की जद में आए।
डेयरियों की जांच के दौरान दूध, मिक्स मिल्क, दही, पनीर, घी और मावा के 17 नमूने लिए गए। आनंद मावा भंडार और महाकाल मावा भंडार से 89 किलो घी और 171 किलो पनीर प्रथम दृष्टया संदिग्ध मिलने पर सुरक्षित अभिरक्षा में रखा गया।
करोंद स्थित प्रोस्पेरिटी टेक से 938 किलो घी और नर्मदा सेल्स कारपोरेशन से करीब 1,500 किलो घी जब्त किया गया। वहीं श्रीराम डिस्ट्रीब्यूटर्स से 655 किलो धौलपुर फ्रेश और 1,440 लीटर गोवर्धन घी जब्त हुआ। सभी नमूने राज्य खाद्य परीक्षण प्रयोगशाला भेजे गए हैं।
मुख्य खाद्य सुरक्षा अधिकारी शिवराज पावक ने बताया कि पिछले दिनों आनंद मावा भंडार से जब्त मावे के नमूने की रिपोर्ट में मिलावट की पुष्टि हुई। इसके बाद कारोबारी का लाइसेंस निलंबित कर दिया गया। इसी तरह इतवारा स्थित नन्हे चाचा दूध डेरी से लिए गए दूध के नमूनों में बड़ी मात्रा में डिटर्जेंट मिलने की पुष्टि हुई थी। इसके बाद कारोबारी मोहम्मद फरहान की डेरी का खाद्य लाइसेंस निलंबित कर दिया गया।
अभियान के दौरान दूध के 849, मावा के 106, पनीर के 296, घी के 601 और अन्य दुग्ध उत्पादों के 382 नमूने लिए गए। कुल 2,234 नमूनों की जांच प्रक्रिया की गई।
खाद्य सुरक्षा प्रशासन ने कार्रवाई के तहत 8 लाइसेंस/पंजीयन निलंबित किए हैं। आवश्यक वस्तु अधिनियम के तहत 38 प्रकरण दर्ज किए गए, जबकि एक एफआईआर भी दर्ज हुई है।
| श्रेणी | आंकड़ा |
|---|---|
| अभियान की अवधि | 20 जुलाई से 10 अगस्त |
| कुल लिए गए नमूने | 2,234 |
| दूध के नमूने | 849 |
| मावा के नमूने | 106 |
| पनीर के नमूने | 296 |
| घी के नमूने | 601 |
| अन्य दुग्ध उत्पादों के नमूने | 382 |
| जब्त खाद्य सामग्री | 44,407 किलो |
| जब्त माल का अनुमानित मूल्य | 2.73 करोड़ रुपये |
| प्राथमिकता से जांचे नमूने | 321 |
| मानक नमूने | 248 |
| अमानक नमूने | 73 |
| असुरक्षित नमूने | 14 |
| निलंबित लाइसेंस/पंजीयन | 8 |
| आवश्यक वस्तु अधिनियम के तहत प्रकरण | 38 |
| एफआईआर | 1 |