
राज्य ब्यूरो, नईदुनिया, भोपाल। प्रदेश में कर्मचारियों से जुड़े कई मामले लंबे समय से लंबित हैं, जिन्हें लेकर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव कई बार निर्देश दे चुके हैं लेकिन निराकरण नहीं हुआ। अब इन मामलों की मुख्यमंत्री समीक्षा करेंगे।
इसकी तैयारी के लिए सीएम के अपर मुख्य सचिव नीरज मंडलोई ने सामान्य प्रशासन विभाग को नोट शीट लिखकर सभी विभागों से लंबित मामलों की जानकारी और उनके निराकरण के सुझाव तैयार करने को कहा है। समीक्षा में विभागों को प्रदेश, संभाग और जिला स्तर पर लंबित मामलों का आंकड़ा और कारण बताने होंगे।
अनुकंपा नियुक्ति के मामलों में विभागों से लंबित प्रकरणों की संख्या, प्रमुख कारण और नियमों एवं मापदंडों को अधिक युक्तिसंगत बनाए जाने के संबंध में सुझाव मांगे गए हैं। इसी तरह पदोन्नति के मामले में संवर्गवार लंबित प्रकरणों की संख्या, पदोन्नति की शेष कार्यवाही पूरी करने की समय-सीमा के साथ यदि किसी नीतिगत कठिनाई के कारण मामले लंबित हैं, तो उसकी जानकारी मांगी गई है।
सीधी भर्ती को लेकर पहले से रिक्त पदों और हाल में हुई पदोन्नतियों से रिक्त हुए पदों का ब्योरा मांगा गया है। रिक्तियों के हिसाब से सभी विभागों में सीधी भर्ती का रोडमैप तैयार किया जाएगा। इसी तरह अनुशासनात्मक कार्रवाई के लंबित विभागीय जांच प्रकरणों की संख्या, कितने वर्षों से मामले लंबित हैं, निर्धारित समय-सीमा से अधिक लंबित रहने के कारण और उनके समाधान के सुझाव मांगे गए हैं।
पेंशन प्रकरणों में संवर्गवार सेवानिवृत्ति उपरांत लंबित मामलों की संख्या, उनके लंबित रहने के प्रमुख कारण और समाधान के उपाय प्रस्तुत किए जाएंगे।