
नईदुनिया प्रतिनिधि, भोपाल। मध्य प्रदेश पुलिस अकादमी भौंरी के परेड ग्राउंड में आयोजित 44वें और 45वें बैच के दीक्षांत समारोह में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। इस दौरान उन्होंने परेड का निरीक्षण कर सलामी ली और पासिंग आउट परेड पूरी करने वाले युवा पुलिस अधिकारियों को कर्तव्यनिष्ठा का संदेश दिया। मुख्यमंत्री ने नए उप पुलिस अधीक्षकों (डीएसपी) को स्पष्ट नसीहत देते हुए कहा कि वे सोशल मीडिया पर 'रील' बनाने के बजाय समाज की 'रियल' समस्याओं को हल करने पर अपना ध्यान केंद्रित करें।
समारोह को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि आज का दिन प्रदेश और पुलिस महकमे के लिए बेहद गौरवशाली है, क्योंकि राज्य को 48 नए कर्मठ जनसेवक मिले हैं। उन्होंने कहा कि मध्य प्रदेश पुलिस ने हर बड़ी चुनौती का डटकर मुकाबला करते हुए कर्तव्य के उच्च मानदंड स्थापित किए हैं। आजादी के बाद प्रदेश लंबे समय तक चंबल और रीवा अंचल में डकैतों के आतंक से जूझता रहा, लेकिन हमारे वीर जवानों ने अपने अदम्य साहस से इन गिरोहों का पूरी तरह खात्मा कर शांति स्थापित की।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के मुख्य आतिथ्य में मध्यप्रदेश पुलिस अकादमी, भोपाल में आयोजित 44वें एवं 45वें उप पुलिस अधीक्षक बैच का दीक्षांत परेड समारोह #Bhopal https://t.co/CU83fgFz0H
— Jansampark MP (@JansamparkMP) November 3, 2026
मुख्यमंत्री ने नक्सल विरोधी अभियानों में पुलिस की दक्षता की सराहना करते हुए कहा कि एक दौर था जब प्रदेश से नक्सल संकट के खात्मे की कल्पना करना भी कठिन लगता था। नक्सलियों के आतंक के कारण आदिवासी और अंदरूनी अंचलों में विकास की गति ठहर गई थी। हालांकि, मध्य प्रदेश पुलिस ने इस कठिन चुनौती को स्वीकार करते हुए तय समय सीमा से पहले ही नक्सलियों का सफाया कर दिखाया, जिससे अब उन क्षेत्रों में तेजी से विकास कार्य हो रहे हैं।
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युवा अधिकारियों को नए युग की चुनौतियों का बोध कराते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्तमान दौर सूचना तकनीक और सोशल मीडिया का है, लेकिन वर्चुअल लोकप्रियता के मुकाबले वास्तविक सामाजिक मुद्दे कहीं अधिक गंभीर हैं। उन्होंने अधिकारियों से आह्वान किया कि वे केवल समस्याओं को गिनने के बजाय उनके स्थायी समाधान की दिशा में काम करें। समाज आपसे निष्पक्षता और संवेदनशीलता की उम्मीद रखता है, इसलिए ऐसे आचरण की मिसाल पेश करें कि हर वर्ग में आपका सम्मान हो और आप शोषित व कमजोर वर्ग के लिए वास्तविक देवदूत साबित हों।