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मध्य प्रदेश सरकार का बड़ा फैसला: अधिकारियों के हवाई सफर पर ब्रेक, एसी से लेकर वाहन तक बदले ये नियम

कमजोर मानसून और अंतरराष्ट्रीय परिस्थितियों के वित्तीय असर को देखते हुए मध्य प्रदेश सरकार ने मितव्ययिता लागू की है।

By Digital DeskEdited By: Akash Sharma
Publish Date: Fri, 17 Jul 2026 09:15:05 PM (IST)Updated Date: Fri, 17 Jul 2026 09:22:12 PM (IST)
मध्य प्रदेश सरकार का बड़ा फैसला: अधिकारियों के हवाई सफर पर ब्रेक, एसी से लेकर वाहन तक बदले ये नियम
MP में खर्च पर सख्ती: विदेश यात्रा रुकी, वाहन शेयरिंग अनिवार्य (AI Generated Image)

HighLights

  1. विदेश यात्राओं पर फिलहाल रोक
  2. वाहन शेयरिंग नीति अनिवार्य
  3. सरकारी कैलेंडर और उपहार बंद

राज्य ब्यूरो, नईदुनिया, भोपाल। मध्य प्रदेश सरकार ने कमजोर मानसून और अंतरराष्ट्रीय परिस्थितियों के कारण राज्य की वित्तीय स्थिति पर पड़ रहे प्रभाव को देखते हुए मितव्ययिता अपनाने का निर्णय लिया है। वित्त विभाग ने वर्ष 2026-27 और आगामी वर्ष 2027-28 के बजट आवंटन को व्यवस्थित रखने के उद्देश्य से कई तरह के खर्चों और गतिविधियों पर रोक लगाने के निर्देश जारी किए हैं। नई व्यवस्था के तहत विदेश यात्राओं, सरकारी आयोजनों, वाहनों के उपयोग और अन्य प्रशासनिक खर्चों को नियंत्रित किया जाएगा।

विशेष अनुमति के बिना नहीं होगी विदेश यात्रा

वित्त विभाग के निर्देशों के अनुसार, अनिवार्य परिस्थितियों को छोड़कर राज्य सरकार और उसके उपक्रमों के खर्च पर होने वाली विदेश यात्राओं पर अगले आदेश तक रोक रहेगी। यदि किसी अधिकारी को विदेश यात्रा करनी होगी तो उसके लिए विशेष अनुमति प्राप्त करना अनिवार्य होगा। सरकार का उद्देश्य गैर-जरूरी खर्चों में कटौती कर वित्तीय संसाधनों का बेहतर उपयोग सुनिश्चित करना है।


निजी होटलों में कार्यक्रमों पर रोक

सरकार ने कार्यशालाओं, प्रशिक्षण कार्यक्रमों और बैठकों के आयोजन को लेकर भी नए निर्देश जारी किए हैं। अब होटल या अन्य निजी व्यावसायिक संस्थानों में ऐसे कार्यक्रम आयोजित नहीं किए जाएंगे। विभागों को सरकारी भवनों में ही बैठकें और प्रशिक्षण आयोजित करने के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही वर्चुअल बैठकें और वेबिनार को प्राथमिकता देने के लिए कहा गया है ताकि यात्रा और आयोजन पर होने वाला खर्च कम किया जा सके।

सरकारी कैलेंडर, डायरी और उपहार नहीं दिए जाएंगे

मितव्ययिता के तहत नए साल या अन्य अवसरों पर छपने वाले सरकारी कैलेंडर और डायरी के मुद्रण पर रोक लगा दी गई है। इसके अलावा वीआईपी अतिथियों को दिए जाने वाले उपहार और स्वागत समारोहों पर होने वाले खर्च भी फिलहाल बंद रहेंगे। कार्यालयों की आंतरिक साज-सज्जा पर होने वाले गैर-जरूरी व्यय पर भी रोक लगाने के निर्देश जारी किए गए हैं।

वाहन शेयरिंग होगी अनिवार्य

सरकार ने परिवहन व्यय में कमी लाने के लिए व्हीकल पूलिंग नीति लागू करने का निर्णय लिया है। जिन अधिकारियों के पास एक से अधिक विभागों का अतिरिक्त प्रभार है, वे अलग-अलग वाहन नहीं रख सकेंगे। ऐसे मामलों में संबंधित पद का वाहन किसी अन्य पात्र अधिकारी को आवंटित किया जाएगा। साथ ही दो या तीन अधिकारियों के बीच एक ही वाहन साझा करने की व्यवस्था लागू की जाएगी।

विभागाध्यक्षों को किराए के वाहनों की संख्या सीमित रखने और वाहन शेयरिंग सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। यह व्यवस्था सभी विभागों, निगमों, मंडलों, सार्वजनिक उपक्रमों और विश्वविद्यालयों में अनिवार्य रूप से लागू होगी।

हवाई यात्रा में केवल इकोनॉमी क्लास की अनुमति

सरकारी खर्च पर यात्रा करने वाले अधिकारी अब इकोनॉमी क्लास के अलावा किसी अन्य श्रेणी में हवाई यात्रा नहीं कर सकेंगे। सरकार का मानना है कि इससे यात्रा संबंधी खर्चों में उल्लेखनीय कमी लाई जा सकेगी।

10 हजार करोड़ रुपये तक कम रह सकती है आय

सरकार के अनुसार, चालू वित्तीय वर्ष में राज्य की आय बजट अनुमान से लगभग 10 हजार करोड़ रुपये तक कम रहने की संभावना है। वित्त विभाग ने राजस्व प्राप्ति की समीक्षा के बाद यह अनुमान सरकार को भेजा है। इसी कारण प्रथम अनुपूरक बजट में राजस्व व्यय बढ़ाने के बजाय पूंजीगत कार्यों के लिए अतिरिक्त राशि उपलब्ध कराने का निर्णय लिया गया है।

नए कार्यों के लिए तय की गई शर्त

सरकार ने स्पष्ट किया है कि किसी नए कार्य के लिए अतिरिक्त बजट तभी स्वीकृत किया जाएगा, जब भारत सरकार या किसी अन्य माध्यम से उस परियोजना के लिए राशि प्राप्त हो रही हो और उसमें राज्यांश देना आवश्यक हो। वित्तीय अनुशासन बनाए रखने के लिए विभागों को इसी आधार पर अतिरिक्त आवंटन दिया जाएगा।

बजट का अनुमान

वर्ष 2026-27 के बजट में राज्य की 3,89,397 करोड़ रुपये राजस्व प्राप्ति का अनुमान लगाया गया है, जबकि कुल व्यय 3,88,925 करोड़ रुपये निर्धारित किया गया है। सरकार का कहना है कि मितव्ययिता के इन उपायों का उद्देश्य वित्तीय संतुलन बनाए रखना और उपलब्ध संसाधनों का प्रभावी उपयोग सुनिश्चित करना है।