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MP के 3004 कर्मचारियों का अटैचमेंट खत्म, सबसे ज्यादा उज्जैन के 238 कर्मी मूल जगह पर वापस लौटे

स्वास्थ्य विभाग में संलग्नीकरण व्यवस्था समाप्त होने के बाद सामने आ रही दिक्कतों को लेकर सरकार ने नए दिशा-निर्देश जारी किए हैं।

By Digital DeskEdited By: Akash Sharma
Publish Date: Tue, 03 Nov 2026 10:26:08 PM (IST)Updated Date: Tue, 03 Nov 2026 10:30:13 PM (IST)
MP के 3004 कर्मचारियों का अटैचमेंट खत्म, सबसे ज्यादा उज्जैन के 238 कर्मी मूल जगह पर वापस लौटे
स्वास्थ्य विभाग में संलग्नीकरण खत्म, अब नए नियमों से होगी स्थानीय व्यवस्था (AI Generated Image)

HighLights

  1. सीएमएचओ बनाएंगे प्रस्ताव, कलेक्टर करेंगे जांच
  2. सिर्फ 3 विशेषज्ञों की सामान्य स्थानीय व्यवस्था होगी
  3. 3004 कर्मचारियों को लौटाया गया मूल संस्था में

राज्य ब्यूरो, नईदुनिया, भोपाल। स्वास्थ्य विभाग में वर्षों से चली आ रही संलग्नीकरण व्यवस्था समाप्त होने के बाद सेवाओं के संचालन में आ रही व्यावहारिक दिक्कतों को देखते हुए सरकार ने नए दिशा-निर्देश जारी किए हैं। स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा आयुक्त धनराजू एस द्वारा जारी आदेश के अनुसार, अब जिला स्तर पर किसी अधिकारी-कर्मचारी को स्थानीय व्यवस्था के तहत मनमाने ढंग से दूसरी संस्था में नहीं भेजा जा सकेगा।

ऑनलाइन होगी पूरी प्रक्रिया

नए निर्देशों के मुताबिक संबंधित जिले के मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी यानी सीएमएचओ जरूरत और कारण बताते हुए प्रस्ताव तैयार करेंगे। कलेक्टर जांच के बाद इसे स्वास्थ्य संचालनालय भेजेंगे, जहां परीक्षण के बाद स्वास्थ्य आयुक्त से अनुमोदन लिया जाएगा। पूरी प्रक्रिया ऑनलाइन पोर्टल के जरिये होगी। इससे पारदर्शिता आएगी और मनमाने फैसलों पर रोक लगेगी।


इन विशेषज्ञों की ही हो सकेगी स्थानीय व्यवस्था

निर्देशों के मुताबिक सामान्य परिस्थितियों में सिर्फ स्त्री रोग, बाल रोग और निश्चेतना विशेषज्ञों की ही स्थानीय व्यवस्था की जा सकेगी। ये विशेषज्ञ प्रसव के दौरान सीजेरियन ऑपरेशन के लिए जरूरी होते हैं। इसके अलावा रेडियोलॉजी, नेत्र, शल्य, नाक-कान-गला और अस्थि रोग विशेषज्ञों के लिए अपरिहार्य स्थिति में ही प्रस्ताव भेजे जा सकेंगे। अन्य विशेषज्ञों को विशेष परिस्थितियों में ही स्थानांतरित किया जा सकेगा।

चिकित्सा अधिकारियों की संस्था नहीं बदलेगी

स्थानीय व्यवस्था के नाम पर चिकित्सा अधिकारियों का कार्य या संस्था नहीं बदली जाएगी। अन्य कर्मचारियों को भी मूल पदस्थापना से नहीं हटाया जाएगा। हालांकि, जिन संस्थाओं में ऑपरेशन थिएटर, डेंटल चेयर या अन्य संसाधन न होने से विशेषज्ञों का उपयोग नहीं हो पा रहा, वहां संसाधन मिलने तक उनकी स्थानीय व्यवस्था हो सकती है।

3004 कर्मचारियों का संलग्नीकरण समाप्त

प्रदेश में पहली बार एक महीने के भीतर सभी जिलों के कुल 3004 अधिकारी-कर्मचारियों का संलग्नीकरण समाप्त कर उन्हें मूल संस्थाओं में वापस भेजा गया है। इसके बाद कुछ स्वास्थ्य संस्थाओं में मानव संसाधन और कामकाज से जुड़ी समस्याएं सामने आईं। स्वास्थ्य संचालनालय सत्यापन करा रहा है कि संलग्नीकरण वास्तव में समाप्त हुआ है या नहीं।

सबसे ज्यादा प्रभावित जिले

जिन जिलों में सबसे अधिक संलग्नीकरण समाप्त किए गए हैं, उनमें उज्जैन में 238, रीवा में 176, ग्वालियर में 148, मंदसौर में 142, इंदौर में 121 और अनूपपुर में 100 कर्मचारियों को मूल पदस्थापना पर लौटाया गया है।

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