मध्यप्रदेश मंडियों में दुकान आवंटन के नियम बदले, अब सिर्फ ई-नीलामी, एक व्यापारी को मिलेगी केवल एक दुकान
मध्यप्रदेश की 557 कृषि उपज मंडियों में दुकान, गोदाम और भूखंड अब केवल ई-नीलामी से आवंटित होंगे। सरकार ने 'एक व्यापारी-एक दुकान' नियम और 30 वर्षीय लाइसे...और पढ़ें
Publish Date: Mon, 27 Jul 2026 11:41:34 AM (IST)Updated Date: Mon, 27 Jul 2026 11:41:34 AM (IST)
मध्यप्रदेश मंडियों में दुकान आवंटन के नियम बदले। (फाइल फोटो)HighLights
- मंडियों में अब केवल ऑनलाइन ई-नीलामी से आवंटन होगा।
- एक व्यापारी को सिर्फ एक दुकान या भूखंड मिलेगा।
- दुकान और गोदाम के लिए 30 साल का लाइसेंस मिलेगा।
डिजिटल डेस्क। मध्यप्रदेश सरकार ने कृषि उपज मंडियों में दुकान, गोदाम, प्लांट और भूखंडों के आवंटन की व्यवस्था में बड़ा बदलाव किया है। अब मंडियों में किसी भी दुकान या भूखंड का आवंटन सीधे या ऑफलाइन नहीं किया जाएगा। सभी आवंटन केवल ऑनलाइन ई-नीलामी के माध्यम से होंगे।
इसके साथ ही सरकार ने पहली बार 'एक व्यापारी-एक दुकान' का नियम लागू करने का प्रस्ताव भी रखा है। कृषि विभाग ने नए नियमों का मसौदा नोटिफिकेशन जारी कर दिया है, जो प्रदेश की 557 कृषि उपज मंडियों में लागू होगा।
ई-नीलामी से होगा आवंटन
नए नियमों के अनुसार मंडी की दुकान, प्लांट और गोदाम का आवंटन केवल ऑनलाइन ई-नीलामी के जरिए किया जाएगा। नीलामी की सूचना कम से कम 15 दिन पहले प्रमुख हिंदी समाचार पत्रों और अधिकृत पोर्टल पर प्रकाशित करना अनिवार्य होगा। सफल बोलीदाता को 30 वर्ष का लाइसेंस मिलेगा, जबकि पहले यह अवधि केवल पांच वर्ष थी और समय-समय पर नवीनीकरण कराना पड़ता था।
'एक व्यापारी-एक दुकान' नियम लागू
- सरकार ने मंडियों में पारदर्शिता और समान अवसर सुनिश्चित करने के लिए एक व्यापारी को केवल एक ही दुकान या भूखंड आवंटित करने का प्रावधान किया है।
- पहले एक व्यक्ति एक से अधिक दुकानें या भूखंड प्राप्त कर सकता था। बोली में भाग लेने के लिए ऑनलाइन आवेदन और निर्धारित राशि जमा करनी होगी। आवंटन के बाद पूरी राशि 30 दिनों के भीतर जमा करना अनिवार्य होगा। विलंब होने पर 16 प्रतिशत वार्षिक ब्याज देना पड़ेगा।