
राज्य ब्यूरो, नईदुनिया, भोपाल। जल संसाधन मंत्री तुलसीराम सिलावट से विभाग का कोई भी अधिकारी-कर्मचारी बिना अनुमति मिलने नहीं आएगा। यदि किसी के द्वारा ऐसा किया जाता है तो संबंधित के विरुद्ध अनुशासनात्मक कार्रवाई होगी। विभाग के अधीक्षण यंत्री प्रशासन आशीष महाजन ने बुधवार को यह निर्देश सभी मुख्य अभियंता और परियोजना संचालकों को जारी किए।
मैदानी अधिकारियों को दिए गए निर्देश में बताया गया कि विभागीय मंत्री की ओर से 15 सितंबर को पत्र प्राप्त हुआ, जिसमें बिना अनुमति मिलने के लिए पहुंचने वाले अधिकारियों-कर्मचारियों पर आपत्ति जताई गई। इसके बाद प्रमुख अभियंता कार्यालय द्वारा सभी मुख्य अभियंता और परियोजना संचालकों को निर्देश दिए गए कि अधीनस्थ कार्यालय में पदस्थ अधिकारियों-कर्मचारियों को सूचित किया जाए कि कोई भी भविष्य में बिना अनुमति भेंट करने के लिए उपस्थित नहीं होगा।
यदि इसकी पुनरावृत्ति होती है कि संबंधित के विरुद्ध अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी। इसके पहले प्रमुख अभियंता विनोद देवड़ा भी मुख्य अभियंताओं को पत्र लिखकर प्रशासनिक नियंत्रण की बात कह चुके हैं। उन्होंने पत्र में कहा था कि अधिकारी-कर्मचारी मुख्यालय में नहीं रहते हैं। बिना अनुमति लिए भोपाल या अन्य स्थान पर प्रवास पर रहते हैं, जो कि अनुचित है।
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यदि भविष्य में इस तरह की शिकायत मिलती है तो मुख्य अभियंताओं की जिम्मेदारी होगी। उधर, कर्मचारी संगठनों ने जल संसाधन विभाग द्वारा जारी किए गए निर्देश पर आपत्ति जताते हुए कहा कि यह ठीक नहीं है। कोई भी मैदानी अधिकारी हो कर्मचारी, तभी मिलने के लिए आता है जब उसकी समस्याओं का समाधान नहीं होता है।