बारिश के चलते घाटों पर सुरक्षा बढ़ेगी, बांध और वॉटरफॉल के पास बैरिकेडिंग कर तैनात होगी पुलिस, रील बनाने वालों पर भी एक्शन
मध्य प्रदेश में भारी बारिश के कारण बढ़ते जलस्तर को देखते हुए सरकार ने बांधों, झरनों और घाटों पर बैरिकेडिंग, पुलिस तैनाती के साथ ही रील बनाने और नौकायन...और पढ़ें
Publish Date: Sun, 02 Aug 2026 09:11:26 AM (IST)Updated Date: Sun, 02 Aug 2026 09:11:26 AM (IST)
मूसलाधार बारिश के बाद जलस्तर बढ़ने पर बांधों और वॉटरफॉल्स के पास पुलिस बल लगाए गए। (AI जनरेटेड)HighLights
- MP में हो रही बारिश के बाद सभी बांधों-वॉटरफॉल्स पर सुरक्षा बढ़ाए जाएंगे
- हादसों को रोकने के लिए किनारों पर बैरिकेडिंग-चेतावनी बोर्ड लगाए जाएंगे
- जान जोखिम में डालकर रील बनाने, सेल्फी लेने और बैकवाटर नाव चलाने पर रोक
डिजिटल डेस्क, भोपाल। मध्य प्रदेश में हो रही मूसलाधार बारिश के चलते बांध, तालाब और झरने सैलानियों के लिए आकर्षण का केंद्र बने हुए हैं। हालांकि, जलस्तर बढ़ने से होने वाले सम्भावित हादसों को रोकने के लिए प्रशासन ने कड़े कदम उठाए हैं। अब घाटों, वॉटरफॉल्स और बांधों के पास सुरक्षा व्यवस्था कड़ी की जाएगी।
बैरिकेडिंग, चेतावनी बोर्ड और पुलिस बल होगा तैनात
राज्य सरकार ने सभी जिला प्रशासनों और नगर पालिकाओं को सख्त दिशा-निर्देश जारी किए हैं-
- सुरक्षा के कड़े इंतजाम: घाटों, बांधों और वॉटरफॉल्स के आसपास पर्याप्त बैरिकेडिंग की जाएगी और चेतावनी बोर्ड लगाए जाएंगे।
- बल की तैनाती: भीड़ और संवेदनशील स्थानों पर पुलिस बल तथा होमगार्ड के जवानों की तैनाती की जाएगी।
- सीवर चैंबरों का सर्वे: नगरीय निकायों को निर्देश दिए गए हैं कि शहर के सभी सीवर चैंबरों का तत्काल सर्वे कर टूटे-फूटे ढक्कनों को बदला जाए। मरम्मत का काम तुरंत पूरा किया जाए।
बैकवाटर में नावों का संचालन बंद, रील और सेल्फी लेने पर चेतावनी
पानी का जलस्तर अचानक बढ़ने के खतरे को देखते हुए पुलिस और प्रशासन ने विशेष सतर्कता बरतने की अपील की है-
- रील और सेल्फी पर पाबंदी: नदियों, झरनों और बांधों के तेज बहाव व चट्टानों के किनारों पर जान जोखिम में डालकर रील बनाने या सेल्फी लेने वालों पर सख्त रुख अपनाया जाएगा।
- नावों पर बैन: सुरक्षा के मद्देनजर बांधों के बैकवाटर और गहरे जल क्षेत्रों में नावों के संचालन पर पूरी तरह से रोक लगा दी गई है।
- सक्रिय रहेंगी टीमें: राजस्व, वन विभाग और पुलिस की संयुक्त टीमें लगातार गश्त करेंगी, ताकि लोगों को गहरे पानी और खतरनाक स्थानों से दूर रखा जा सके।