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भोपाल (नईदुनिया प्रतिनिधि)। अलग-अलग स्थानों पर बनी तीन मौसम प्रणालियों के असर से मध्य प्रदेश में शनिवार से मौसम का मिजाज बदलने लगा। हवाओं की रफ्तार बढ़ने लगी है। मौसम विज्ञानियों के मुताबिक मौसम का मिजाज मंगलवार तक बिगड़ा रह सकता है। जबलपुर, शहडोल संभाग के जिलों में आंधी के साथ वर्षा होगी, जबकि रीवा, सागर, नर्मदापुरम एवं भोपाल संभाग के जिलों में भी कहीं-कहीं वर्षा हो सकती है। जबलपुर, शहडोल, सागर संभाग के जिलों में ओले गिरने की भी आशंका है। बादल बने रहने के कारण दिन के तापमान में गिरावट होगी।
मौसम विज्ञान केंद्र से मिली जानकारी के मुताबिक वर्तमान में उत्तरी ओडिशा पर हवा के ऊपरी भाग में एक चक्रवात बना हुआ है। इस चक्रवात को लेकर दक्षिणी छत्तीसगढ़ से होते हुए विदर्भ तक एक द्रोणिका बनी हुई है, जिसके कारण दक्षिणी-पश्चिमी हवाओं के साथ अरब सागर से नमी आ रही है। उधर, दक्षिण-पूर्वी हवाओं से पूर्वी मध्य प्रदेश की तरफ नमी मिल रही है।
मौसम विज्ञान केद्र के पूर्व वरिष्ठ मौसम विज्ञानी अजय शुक्ला ने बताया कि बंगाल की खाड़ी में एक प्रति चक्रवात भी बना हुआ है। इन मौसम प्रणालियों के असर से पूर्वी मध्य प्रदेश में रुक-रुककर वर्षा होने की संभावना बन गई है। इस दौरान लगभग 40 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से हवाएं चल सकती हैं।
पूर्वानुमान के अनुसार रविवार को जबलपुर, शहडोल के साथ नर्मदापुरम, सागर संभाग के जिलों में वर्षा होने के आसार हैं। डिंडौरी, छिंदवाड़ा और मंडला जिले में ओले गिर सकते हैं। सोमवार को नर्मदापुरम, शहडोल और सागर संभाग के जिलों में रुक-रुककर वर्षा हो सकती है। डिंडौरी, पांढुर्ना एवं मंडला जिले में ओले गिर सकते हैं। मंगलवार को भोपाल, नर्मदापुरम, रीवा, जबलपुर और सागर संभाग के जिलों में आंधी चलने के साथ रुक-रुककर वर्षा हो सकती है। इस दौरान डिंडौरी, जबलपुर, पांढुर्ना, सिवनी और मंडला जिले में ओले गिरने की आशंका है।