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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Aug 03, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

MP से 2000 KM दूर अंडमान-निकोबार में काटे गए वन, बदले में मध्य प्रदेश के 3 जिलों में होगा पौधरोपण

अंडमान निकोबार आइलैंड में विकास कार्य के चलते वनक्षति की भरपाई के लिए मध्य प्रदेश के देवास, कटनी, और रायसेन में 1405 हेक्टेयर वन भूमि पर पौधरोपण होगा।...और पढ़ें

By Neeraj PandeyEdited By: Neeraj Pandey
Publish Date: Sat, 03 Aug 2024 05:59:52 PM (IST)Updated Date: Sat, 03 Aug 2024 05:59:52 PM (IST)
MP से 2000 KM दूर अंडमान-निकोबार में काटे गए वन, बदले में मध्य प्रदेश के 3 जिलों में होगा पौधरोपण
अंडमान निकोबार में पर्याप्त वन भूमि नहीं ने से मप्र बना विकल्प।

HighLights

  1. अंडमान निकोबार में वनों की कटाई, MP में पौधरोपण
  2. तीन जिलों की 1405 हेक्टेयर भूमि पर होगा पौधरोपण
  3. मध्य प्रदेश को कैम्पा फंड से मिलेंगे 20 करोड़ रुपये

राज्य ब्यूरो, नईदुनिया, भोपाल: अंडमान निकोबार आइलैंड की वन भूमि डिनोटिफाई करने के बदले मध्य प्रदेश के तीन जिलों में पौधरोपण किया जाएगा। प्रदेश के देवास, कटनी एवं रायसेन जिले की 1405 हेक्टेयर वन भूमि पर वैकल्पिक पौधारोपण होगा। अंडमान निकोबार आईलैंड में पूरी भूमि ही वन क्षेत्र है, जिससे वहां नियमानुसार कैम्पा फंड से वैकल्पिक पौधरोपण के लिए कोई अन्य भूमि ही उपलब्ध नहीं है।

कैम्पा फंड से मिलेंगे 20 करोड़ रुपये

आईलैंड के विकास की परिषद केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की अध्यक्षता में गठित है और वहां सामरिक रणनीति के हिसाब से निर्माण कार्य होने हैं। इसी कारण से मप्र के इन तीन जिलों के बिगड़े वन क्षेत्रों में वैकल्पिक पौधरोपण होगा। इसके लिए 20 करोड़ रुपये आईलैंड प्रशासन द्वारा मप्र के वन विभाग को कैम्पा फंड से दिए जाएंगे।


अंडमान निकोबार के बदले पौधरोपण

बता दें कि अंडमान निकोबार के मुख्य सचिव ने पिछले महीनों मध्य प्रदेश सरकार को पत्र लिखकर कहा था कि एसएफआर (भारतीय वन सर्वेक्षण) के अनुसार मध्य प्रदेश में 36,465 वर्ग किलोमीटर खुला बिगड़ा वन क्षेत्र है और वे इसमें से खुले बिगड़े वनक्षेत्र में अंडमान निकोबार द्वीप समूह में आने वाली परियोजनाओं के बदले पौधरोपण का कार्य करवाना चाहते हैं।

इसके लिए मध्य प्रदेश को वैकल्पिक पौधरोपण में व्यय होने वाली आवश्यक धनराशि देने और 10 प्रतिशत एनपीव्ही (नेट प्रेजेंट वैल्यू) की राशि नेशनल अथारिटी आफ कैंपा में जमा करने के लिए सहमत बन गई थी।

अंडमान में पर्याप्त वन भूमि नहीं

अंडमान निकोबार प्रशासन द्वारा 25.अगस्त 2020 को अर्द्धशासकीय पत्र से अवगत कराया गया था कि अंडमान तथा निकोबार द्वीप समूह में लगभग 300 वर्ग किलोमीटर खुला वन क्षेत्र है और यह अंडमान तथा निकोबार में आने वाली परियोजनाओं के लिए वैकल्पिक पौधरोपण के लिए पर्याप्त नहीं है।

अंडमान निकोबार के मुख्य सचिव ने भारत सरकार के माध्यम से मध्य प्रदेश सरकार से पौधारोपण कराने की स्वीकृति मांगी थी। मध्य प्रदेश सरकार ने इस कार्य के लिए स्वीकृति दे दी।

पौधरोपण के बाद पेड़ों पर मध्य प्रदेश का अधिकार

कैंपा फंड (प्रतिपूरक वनीकरण कोष प्रबंधन और योजना प्राधिकरण) की निधि से पौधारोपण कार्य कराया जाएगा। अंडमान निकोबार में विकास कार्य के चलते 500 वर्ग किलोमीटर वन क्षेत्र में हुई क्षति की भरपाई मध्य प्रदेश में होगी। पौधरोपण के बाद बड़े होने वाले पेड़ों पर पूर्ण रूप से मध्य प्रदेश सरकार का अधिकार होगा।