MP News: ई-लाईब्रेरी पोर्टल पर विद्यार्थियों के पंजीयन से उच्च शिक्षा विभाग चिंतित, कालेज प्राचार्यों को जारी किए निर्देश
पोर्टल पर विद्यार्थियों के पंजीयन कराने की प्रक्रिया को समझाने के लिए एनआइसी के सहयोग से एक कार्यशाला का आयोजन शुक्रवार को किया जा रहा है।
By Ravindra Soni
Edited By: Ravindra Soni
Publish Date: Fri, 10 Nov 2023 12:56:24 PM (IST)
Updated Date: Fri, 10 Nov 2023 12:56:24 PM (IST)
HighLights
- आफलाइन पाठ्य सामग्री की उपलब्धता में दिक्कत को देखते हुए उच्च शिक्षा विभाग तैयार करा रहा ई-लाइब्रेरी।
- ई-लायब्रेरी में सभी कक्षाओं की पाठ्यक्रम की किताबों के साथ-साथ प्रतियोगी परीक्षाओं और प्रेरणादायी किताबें भी शामिल होंगी।
- उच्च शिक्षा विभाग ने कालेज प्राचार्यों को निर्देश दिया कि स्टाफ एवं सभी छात्रों का पंजीयन ई-ग्रंथालय पोर्टल पर कराया जाए।
भोपाल, नवदुनिया प्रतिनिधि। उच्च शिक्षा विभाग के एनआइसी द्वारा निर्मित एवं संचालित ई-ग्रंथालय लाइब्रेरी आटोमेशन एप्लिकेशन पर विभिन्न विषयों की ई-बुक्स उपलब्ध कराई जा रही हैं। लेकिन विभाग द्वारा की गई समीक्षा में ग्रंथालय पोर्टल पर पाया गया है कि विद्यार्थियों के पंजीयन बहुत कम हुए हैं। ई-बुक्स के अधिक से अधिक उपयोग के लिए ज्यादा से ज्यादा विद्यार्थियों का पंजीयन आवश्यक है।
पंजीयन बढ़ाने की कवायद
इसे देखते हुए उच्च शिक्षा विभाग ने एक आदेश जारी कर कालेजों के प्राचार्यों से कहा है कि महाविद्यालय के स्टाफ एवं सभी छात्रों का पंजीयन ई-ग्रंथालय पोर्टल पर कराया जाए। पोर्टल पर विद्यार्थियों के पंजीयन कराने की प्रक्रिया को समझाने के लिए एनआइसी के सहयोग से एक कार्यशाला का आयोजन शुक्रवार को किया जा रहा है। इस कार्यशाला में कालेज के ग्रंथपाल या पुस्तकालय प्रभारी की आनलाइन उपस्थिति आवश्यक है।
ई-लाइब्रेरी क्यों है जरूरी
दो साल पहले स्नातक प्रथम वर्ष में राष्ट्रीय शिक्षा नीति के तहत पाठ्यक्रम में बदलाव किया गया। इसके लिए किताबों को तैयार करने की जिम्मेदारी हिंदी ग्रंथ अकादमी को दी गई, लेकिन हर साल समय से किताबें उपलब्ध नहीं कराने के कारण विद्यार्थियों को परेशानी का सामना करना पड़ता था। इस सत्र में यूजी तीसरे वर्ष में राष्ट्रीय शिक्षा नीति के तहत बदलाव किया गया। लेकिन अब तक किताबें तैयार नहीं है। लेकिन सभी आनलाइन उपलब्ध करा दिए जाते हैं। इस कारण ई-लायब्रेरी विभाग तैयार करवा रहा है, ताकि विद्यार्थी कहीं भी बैठकर पढ़ाई कर सकें। इससे विद्यार्थियों को महंगी किताबें भी नहीं खरीदनी पड़ेगी। ई-लायब्रेरी में सभी कक्षाओं की पाठ्यक्रम की किताबों के साथ-साथ प्रतियोगी परीक्षाओं और प्रेरणादायी किताबें भी शामिल होंगी, ताकि विद्यार्थी घर बैठे परीक्षा की तैयारी कर सकें। यही कारण है कि सभी विद्यार्थियों के पंजीयन कराए जा रहे हैं।