नईदुनिया प्रतिनिधि, भोपाल। सागर जिले के खुरई में क्रशर प्लांट में हाईटेंशन लाइन की चपेट में आने के बाद 14 वर्षीय किशोर मानस शुक्ला का हाथ कटने के मामले में सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को सख्त रुख अपनाया। कोर्ट ने राज्य सरकार के साथ ही पूर्व मंत्री और मौजूदा खुरई विधायक भूपेंद्र सिंह, उनके भतीजे लखन सिंह, सागर कलेक्टर संदीप जीआर और एसपी विकास शाहवाल सहित राष्ट्रीय मानव अधिकार आयोग को नोटिस जारी कर चार सप्ताह में जवाब मांगा है।
हादसे में अपने दोनों हाथ गवां चुके मानस के पिता राकेश शुक्ला एवं खुरई के समाजसेवी अंशुल सिंह परिहार ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका लगाई थी। शुक्रवार को जस्टिस विक्रम नाथ व जस्टिस संदीप मेहरा ने सुनवाई की।
घटनाक्रम 1 जनवरी 2025 का है। खुरई के बारधा गांव स्थित क्रशर प्लांट में खेलते समय मानस ऊपर से गुजर रही हाईटेंशन लाइन की चपेट में आ गया। गंभीर रूप से झुलसने के बाद डॉक्टरों को हाथ काटना पड़ा था। हादसे के बावजूद कोई एफआईआर दर्ज नहीं की गई। इस पर कोर्ट ने तीखी टिप्पणी करते हुए पूछा कि क्यों न पूर्व मंत्री एवं एसपी के खिलाफ मामला दर्ज किया जाए।
इससे पहले मानव अधिकार आयोग की जांच में भी प्रशासन और पुलिस की लापरवाही उजागर हुई थी। आयोग पहले ही 23 अगस्त तक सरकार से जवाब मांग चुका है। राष्ट्रीय मानव अधिकार आयोग के आदेश में पूर्व गृह मंत्री भूपेंद्र सिंह द्वारा आयोग की कार्यवाही को प्रभावित करने का उल्लेख किया था।