राज्य ब्यूरो, भोपाल। भारत निर्वाचन आयोग ने तीन वर्ष से एक ही जगह या गृह जिले में पदस्थ अधिकारियों के स्थानांतरण को लेकर शनिवार को नया निर्देश जारी किया। इसमें कहा गया है कि एक ही लोकसभा क्षेत्र के भीतर एक से दूसरे जिले में किया गया स्थानांतरण मान्य नहीं किया जाएगा। लोकसभा क्षेत्र के बाहर तबादला करना होगा। ऐसे स्थानांतरण किए गए हैं तो उन्हें बदला जाएगा।
आयोग ने मप्र सहित सभी राज्यों को यह निर्देश जारी किए हैं। कहा गया है कि खानापूर्ति नहीं, बल्कि आयोग के निर्देश का अक्षरश: पालन किया जाना चाहिए। इसके पहले जारी निर्देश में आयोग ने कहा था कि 24 जून 2024 की स्थिति में एक जिले में तीन वर्ष पूरा करने वाले अधिकारियों का स्थानांतरण किया जाए। राज्यों को 15 फरवरी तक इसका पालन करने के निर्देश थे।
आयोग के निर्देश पर प्रदेश में भी ऐसे अधिकारियों का स्थानांतरण किया जा चुका है। मध्य प्रदेश में लोकसभा क्षेत्र 29 हैं, जबकि जिले 55 हैं। इस तरह अधिकतर लोकसभा क्षेत्रों में दो जिले शामिल हैं। तीन वर्ष पूरा करने वाले अधिकारियों को आसपास के जिलों में ही स्थानांतरित किया गया है। ऐसे में अब यह देखना होगा कि पूर्व व स्थानांतरित जिला एक ही लोकसभा क्षेत्र में तो नहीं है।