
राज्य ब्यूरो, नईदुनिया, भोपाल। प्रदेश के सफाई कर्मचारियों के कम वेतन, असुरक्षित रोजगार और नियमितीकरण के मुद्दे पर नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव को पत्र लिखकर 25 हजार वेतन और स्थायी नौकरी देने की मांग की है। उन्होंने कहा कि स्वच्छ भारत अभियान का श्रेय तो सरकार लेती है, लेकिन यह शहरों को स्वच्छ रखने वाले कर्मचारियों को सम्मानजनक वेतन, स्थायी रोजगार और सुरक्षा देने में विफल रही है। सफाई कर्मचारी अपने अधिकारों के लिए सड़कों पर आंदोलन कर रहे हैं, मगर इस पर कोई ध्यान नहीं दे रहा है।
भोपाल में आयोजित पत्रकारवार्ता में उन्होंने कहा कि सफाई कर्मचारियों की स्थिति यह है कि भोपाल में उन्हें 29 दिन काम करने के बाद लगभग नौ हजार रुपये वेतन मिलता है। प्रदेश के अन्य नगरीय निकायों में कहीं सात तो कहीं केवल छह हजार रुपये दिए जा रहे हैं। इतनी कम आय में कर्मचारी घर का किराया, राशन, बच्चों की फीस और परिवार का इलाज कैसे कराएं। उन्होंने सवाल किया कि स्वच्छता रैंकिंग और पुरस्कारों का श्रेय लेने वाली सरकार कर्मचारियों के भविष्य की गारंटी क्यों नहीं दे रही है।
मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर वर्षों से काम कर रहे दैनिक वेतनभोगी एवं विनियमित कर्मचारियों का नियमितीकरण, सभी नगरीय निकायों में न्यूनतम 25 हजार रुपये मासिक वेतन, ठेका एवं आउटसोर्स व्यवस्था समाप्त कर स्थायी रोजगार देने तथा सेवाकाल में मृत्यु होने पर पात्र सदस्य को अनुकंपा नियुक्ति देने की मांग की। साथ ही पूछा कि सीवर सफाई के दौरान जून 2023 से जुलाई 2026 के बीच ग्वालियर, रीवा, सतना, इंदौर और उज्जैन की पांच घटनाओं में आठ लोगों की मृत्यु हुई और चार घायल हुए, इन्हें कितना मुआवजा दिया गया।
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