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MP में पंचायत-निकाय उपचुनाव... रायसेन समेत कई जिलों में 'सड़क नहीं तो वोट नहीं' के तहत बहिष्कार, सुसनेर में भी मचा बवाल

मध्य प्रदेश में पंचायत और नगरीय निकाय उपचुनाव के दौरान लोकतंत्र के दो अलग-अलग रूप देखने को मिले। प्रदेश के कुल 103 पदों के लिए मंगलवार को वोट डाले गए,...और पढ़ें

By Digital DeskEdited By: ADITYA KUMAR
Publish Date: Tue, 29 Sep 2026 04:37:23 PM (IST)Updated Date: Tue, 29 Sep 2026 04:37:23 PM (IST)
MP में पंचायत-निकाय उपचुनाव... रायसेन समेत कई जिलों में 'सड़क नहीं तो वोट नहीं' के तहत बहिष्कार, सुसनेर में भी मचा बवाल
MP में पंचायत-निकाय उपचुनाव

HighLights

  1. MP के 103 पंचायत व निकाय पदों पर मतदान, सुसनेर में जमकर हंगामा
  2. EVM बदलने पर बोले विधायक- 'क्या तुम्हारे बाप का राज है।'
  3. रायसेन-खरगोन में 'सड़क नहीं तो वोट नहीं' के तहत मतदान बहिष्कार

नईदुनिया प्रतिनिधि, भोपाल। मध्य प्रदेश में पंचायत और नगरीय निकाय उपचुनाव के दौरान लोकतंत्र के दो अलग-अलग रूप देखने को मिले। एक ओर जहां आगर-मालवा के सुसनेर में ईवीएम बदलने को लेकर भारी राजनीतिक ड्रामा और तीखी बहस हुई, वहीं दूसरी ओर बुनियादी सुविधाओं की मांग को लेकर रायसेन और खरगोन जिलों में ग्रामीणों ने 'सड़क नहीं तो वोट नहीं' के नारे के साथ मतदान का पूरी तरह बहिष्कार कर दिया।

प्रदेश के कुल 103 पदों के लिए मंगलवार को वोट डाले गए, जिनके परिणाम 3 और 5 अक्टूबर को घोषित किए जाएंगे।

EVM बदलने पर भड़के कांग्रेस विधायक, BLO पर लगे फर्जी वोटिंग के आरोप

आगर-मालवा जिले के सुसनेर में नगर परिषद अध्यक्ष पद के उपचुनाव के दौरान स्थिति उस समय तनावपूर्ण हो गई जब वार्ड-7 के पोलिंग बूथ पर करीब 15 मिनट तक मतदान रुक गया। कांग्रेस के स्थानीय विधायक भैरों सिंह परिहार ने प्रशासनिक अधिकारियों पर बिना पूर्व सूचना के ईवीएम बदलने और फर्जी वोटिंग कराने का गंभीर आरोप लगाया।


विधायक के पास मौजूद सूची और बूथ में रखी ईवीएम के सीरियल नंबर में भिन्नता मिलने पर दोनों दलों के कार्यकर्ता आमने-सामने आ गए। इसी बीच, विधायक भैरोंसिंह परिहार ने पुलिस अधिकारियों के फोन के जरिए तहसीलदार भंवर सिंह चौहान को कड़ी आपत्ति जताते हुए कहा, "क्या तुम्हारे बाप का राज है यहाँ?"

वहीं, वार्ड 10 के बूथ संख्या 12 पर भाजपा नेताओं (जिलाध्यक्ष ओम मालवीय व नगर पालिका अध्यक्ष निलेश पटेल) ने बीएलओ ललिता सेन पर आरोप लगाया कि बुरका पहनकर आ रही महिला मतदाताओं का चेहरा देखे बिना फर्जी वोट डलवाए जा रहे हैं। हालांकि, बीएलओ ने इन आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए प्रक्रिया को नियमानुसार बताया।

रायसेन और खरगोन में श्मशान, सड़क और पुलिया के लिए मतदान का बहिष्कार

प्रशासनिक दावों के बीच कई ग्रामीण क्षेत्रों में जन-आक्रोश की लहर देखने को मिली...

  • खरगोन (वार्ड-19): नवलपुरा (गोपालपुरा पंचायत) के ग्रामीणों ने गांव में पक्की सड़क, श्मशान तक रास्ता और नाले पर पुलिया न होने से आहत होकर मतदान केंद्र का पूर्ण बहिष्कार किया। दोपहर 2 बजे तक 606 कुल मतदाताओं वाले इस बूथ पर केवल 16 वोट ही पड़े। प्रशासन की समझाइश के बावजूद ग्रामीण वोट डालने नहीं पहुंचे।
  • रायसेन (वार्ड-3): मऊ पथरई गांव में जर्जर सड़क की समस्या से परेशान ग्रामीणों ने पोलिंग बूथ संख्या 144 और 145 का पूरी तरह बहिष्कार कर दिया। पोलिंग बूथों पर पूरे दिन सन्नाटा पसरा रहा और "सड़क नहीं तो वोट नहीं" के नारे गूंजते रहे।

आलीराजपुर और मऊगंज में शांतिपूर्ण मतदान: दोपहर तक अच्छी वोटिंग

विरोध प्रदर्शनों के बीच आदिवासी अंचल आलीराजपुर और विंध्य क्षेत्र के मऊगंज में मतदाताओं ने उत्साह दिखाया...

  • आलीराजपुर (सोण्डवा): दोपहर 1 बजे तक 9 मतदान केंद्रों पर कुल 46.98% मतदान दर्ज किया गया। इनमें सबसे ज्यादा 57.25% वोटिंग माध्यमिक शाला ओझड़-1 में दर्ज की गई।
  • मऊगंज: दोपहर 1 बजे तक जिले में कुल 46.65% मतदान हुआ, जिसमें नईगढ़ी में 50.38% और हनुमना में 45.24% मतदाताओं ने अपने मताधिकार का प्रयोग किया।

चुनाव प्रक्रिया का गणित और मतगणना की तारीखें

प्रदेश में पंच, सरपंच, जनपद व जिला पंचायत सदस्य के कुल 4,235 पदों पर उपचुनाव होना था। प्रक्रिया के दौरान...

  • 604 पदों पर उम्मीदवार निर्विरोध चुन लिए गए।
  • कई पदों पर नामांकन ही दाखिल नहीं हुए, जबकि कुछ पर कोर्ट की रोक है।
  • अंततः 4 पंच, 79 सरपंच और 5 जिला पंचायत सदस्य (कुल 103 पदों) के लिए मतदान संपन्न कराया गया।

मतगणना का शेड्यूल

पंच, सरपंच और जनपद पंचायत सदस्यों के वोटों की गिनती 3 अक्टूबर को सुबह 8 बजे से विकासखंड मुख्यालयों पर होगी और नतीजे उसी दिन घोषित होंगे। जबकि जिला पंचायत सदस्य और पंच पदों के अंतिम आधिकारिक परिणाम 5 अक्टूबर को जारी किए जाएंगे।