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सिंहस्थ 2028 से पहले अभेद्य होगा MP... भोपाल में ₹200 करोड़ से बनेगा काउंटर टेररिज्म सेंटर, तैयार होंगे 250 कमांडो

प्रदेश में देशविरोधी गतिविधियां बढ़ने के चलते सरकार राष्ट्रीय सुरक्षा गार्ड (एनएसजी) की तरह हर समय ढाई सौ कमांडो तैयार रखेगी। ये प्रदेश पुलिस के जवान ...और पढ़ें

By Digital DeskEdited By: ADITYA KUMAR
Publish Date: Tue, 07 Jul 2026 10:18:03 PM (IST)Updated Date: Tue, 07 Jul 2026 10:18:03 PM (IST)
सिंहस्थ 2028 से पहले अभेद्य होगा MP... भोपाल में ₹200 करोड़ से बनेगा काउंटर टेररिज्म सेंटर, तैयार होंगे 250 कमांडो
सिंहस्थ 2028 से पहले अभेद्य होगा MP (ये तस्वीर एआई से बनाई गई है)

HighLights

  1. एनएसजी की तर्ज पर मध्य प्रदेश पुलिस के 250 जवान बनेंगे कमांडो
  2. भोपाल के तूमड़ा में ₹200 करोड़ की लागत से बनेगा आधुनिक ट्रेनिंग सेंटर

राज्य ब्यूरो, नईदुनिया, भोपाल। प्रदेश में देशविरोधी गतिविधियां बढ़ने के चलते सरकार राष्ट्रीय सुरक्षा गार्ड (एनएसजी) की तरह हर समय ढाई सौ कमांडो तैयार रखेगी। ये प्रदेश पुलिस के जवान होंगे, जिन्हें विशेष ट्रेनिंग देकर तैयार किया जाएगा। प्रशिक्षण के लिए भोपाल के तूमड़ा में 200 करोड़ रुपये की लागत से काउंटर टेररिज्म सेंटर बनाया जाएगा। पिछले सप्ताह पुलिस अधिकारियों के साथ बैठक में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने सेंटर जल्द शुरू करने के लिए कहा है।

अभी मध्य प्रदेश आतंकवाद विरोधी दस्ता (एटीएस) के अंतर्गत 50 पुलिसकर्मियों का काउंटर टेररिज्म (सीटीजी) ग्रुप बना है, जिसकी संख्या बढ़ाकर 250 की जाएगी। सीटीजी के पुलिसकर्मियों को आतंकवादियों के चंगुल से छुड़ाने, मुठभेड़ जैसी घटनाओं की दृष्टि से तैयार किया जाएगा। पुलिस मुख्यालय ने सेंटर की स्थापना के लिए डीपीआर तैयार कर ली है जिसके बारे में मुख्यमंत्री को जानकारी दी गई है।


मुख्यमंत्री ने इसे आज की बड़ी आवश्यकता बताते हुए तेज गति से काम करने के लिए कहा है। इसका निर्माण कार्य अगले वर्ष से प्रारंभ करने की तैयारी है। वर्ष 2028 में सिंहस्थ के पहले सेंटर प्रारंभ करने का लक्ष्य रखा गया है। मुख्यमंत्री ने कहा है कि प्रस्तावित केंद्र के माध्यम से राज्य की पुलिस किसी भी आपातकालीन आपदा और चरमपंथी खतरे से निपटने के लिए पूरी तरह से तैयार रहेगी। पुलिस मुख्यालय के अधिकारियों ने बताया कि यह केंद्र मानेसर (हरियाणा) में राष्ट्रीय सुरक्षा गार्ड (एनएसजी) प्रशिक्षण केंद्र की तरह स्थापित किया जाएगा।

इन्हें दिया जाएगा प्रशिक्षण

काउंटर टेररिज्म केंद्र में मप्र पुलिस के आतंकवाद-विरोधी दस्ते (एटीएस), विशेष कार्य बल (एसटीएफ) और विशेष सशस्त्र बल (एसएएफ) के कमांडो और त्वरित प्रतिक्रिया टीमों (क्यूआरटी) को प्रशिक्षण दिया जाएगा। साथ ही विभिन्न जिलों के पुलिस बलों की विशेष इकाइयों को भी क्यूआरटी और आंतरिक सुरक्षा को लेकर चुनौती से निपटने के लिए प्रशिक्षित किया जाएगा। अन्य राज्यों की पुलिस इकाइयों के पुलिसकर्मियों को भी केंद्र में अतिरिक्त क्षमता होने पर प्रशिक्षण दिया जा सकेगा।

इसलिए पड़ी जरूरत

एमपी को शांति का टापू कहा जाता रहा है, पर बीते कुछ वर्षों से यहां देश विरोधी गतिविधियों के कई मॉड्यूल सामने आ चुके हैं। इसमें हिज्ब-उत-तहरीर (एचयूटी), जमात-उल-मुजाहिदीन बांग्लादेश (जेएमबी), पीएफआइ शामिल हैं। इसके पहले मालवा क्षेत्र में सिमी का बड़ा नेटवर्क सामने आया था।

ऐसी में किसी बड़ी घटना से निपटने के लिए कमांडो तैनात रहेंगे। इंदौर, भोपाल सहित संवेदनशील जिलों में इनकी पदस्थापना रहेगी। जरूरत पर एक से दूसरे जिले में भेजने की व्यवस्था भी की जाएगी। वीवीआइपी की सुरक्षा की दृष्टि से भी इन्हें तैयार किया जाएगा। बता दें कि अभी तक प्रदेश पुलिस के 1,164 जवानों को विशेष प्रशिक्षण भी दिलाया गया है।