यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Aug 18, 2023 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
MP Politics News: एक और सिंधिया समर्थक की घरवापसी, समंदर पटेल कांग्रेस में शामिल
पीसीसी कार्यालय में पूर्व मुख्यमंत्री व कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष कमल नाथ ने उन्हें पार्टी की सदस्यता दिलाई।
By Ravindra SoniEdited By: Ravindra Soni
Publish Date: Fri, 18 Aug 2023 02:20:17 PM (IST)Updated Date: Fri, 18 Aug 2023 02:20:17 PM (IST)

भोपाल। तीन साल पहले कांग्रेस छोड़कर भाजपा ज्वाइन करने वाले समंदर पटेल शुक्रवार को पुन: कांग्रेस में लौट आए। राजधानी में लिंक रोड-01 पर स्थित पीसीसी कार्यालय में पूर्व मुख्यमंत्री व कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष कमल नाथ ने उन्हें पार्टी की सदस्यता दिलाई। इस मौके पर विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष डा. गोविंद सिंह और विधायक जीतू पटवारी समेत अनेक नेता व कार्यकर्ता मौजूद थे। समंदर के साथ उनके समर्थकों ने भी फिर से कांग्रेस की सदस्यता ग्रहण करेंगे। कांग्रेस की सदस्यता लेने के लिए समंदर पटेल सैकड़ों वाहनों के काफिला लेकर भोपाल पहुंचे थे ।
भाजपा में नहीं मिला सम्मान
उल्लेखनीय है कि वर्ष 2020 में जब
ज्योतिरादित्य सिंधिया ने कांग्रेस छोड़कर भाजपा का दामन थाम लिया था तो पटेल ने भी भाजपा ज्वाइन कर ली थी। पटेल ने बताया कि भाजपा में उन्हें न तो सम्मान मिला और न ही कोई मंच। इसके अलावा भाजपा में भारी भ्रष्टाचार है। इसका ताजा उदाहरण जनपद अध्यक्ष गोपाल चारण का 50 हजार रुपये की रिश्वत लेते रंगे हाथ लोकायुक्त के हाथों पकड़ा जाना है। इसके बाद भी मंत्री ओमप्रकाश सकलेचा चारण के साथ मंच साझा करते आ रहे हैं।
जावद से लड़ना चाहते हैं चुनाव
समंदर पटेल मूल रूप से इंदौर निवासी व व्यापारी हैं, लेकिन वे विधानसभा टिकट के उम्मीद में जावद क्षेत्र में डेरा डाले हुए हैं। जावद विधानसभा धाकड़ समाज बहुल क्षेत्र है। इससे पटेल को यहां से राह आसान लग रही है।
निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में लड़ा था पिछला चुनाव
पटेल पूर्व में भी कांग्रेस में थे, लेकिन पिछले मप्र विधानसभा चुनाव में कांग्रेस ने उन्हें टिकट नहीं दिया। इससे नाराज होकर पटेल निर्दलीय मैदान में उतर गए। हालांकि, पटेल व कांग्रेस प्रत्याशी राजकुमार अहीर दोनों हार गए। यहां से ओमप्रकाश सकलेचा विजयी रहे। इसके बाद पटेल कांग्रेस छोड़ टिकट की आस में ही सिंधिया के साथ भाजपा में सम्मिलित हो गए, लेकिन भाजपा से टिकट नहीं मिलता देख वे पुन: कांग्रेस में शामिल होने के लिए भोपाल पहुंच गए। इससे पहले कुछ और सिंधिया समर्थक नेता इस चुनावी मौसम में कांग्रेस में वापसी कर चुके हैं।