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2047 तक समृद्ध MP का रोडमैप तैयार, IIT-IIM समेत बड़े संस्थान संभालेंगे विकास की कमान

‘समृद्ध मध्य प्रदेश @ 2047’ कान्क्लेव में केंद्रीय व शैक्षणिक संस्थानों ने शोध, तकनीक, कौशल, कृषि, उद्योग, साइबर सुरक्षा और शहरी विकास में राज्य के सा...और पढ़ें

By Digital DeskEdited By: Anurag Mishra
Publish Date: Tue, 25 Aug 2026 08:48:18 AM (IST)Updated Date: Tue, 25 Aug 2026 08:48:18 AM (IST)
2047 तक समृद्ध MP का रोडमैप तैयार, IIT-IIM समेत बड़े संस्थान संभालेंगे विकास की कमान
2047 तक समृद्ध MP का रोडमैप तैयार। (फाइल फोटो)

HighLights

  1. आइआइटी इंदौर 10 हजार युवाओं को विशेषीकृत प्रशिक्षण देगा
  2. आइआइएसईआर भोपाल ड्रोन, खनन और कृषि अनुसंधान में सहयोग करेगा आइआइआइटी
  3. भोपाल साइबर सुरक्षा विशेषज्ञता राज्य को उपलब्ध कराएगा

राज्य ब्यूरो, नईदुनिया, भोपाल : ‘समृद्ध मध्य प्रदेश @ 2047: केंद्रीय संस्थानों की भूमिका’ विषय पर कुशाभाऊ ठाकरे अंतरराष्ट्रीय कन्वेंशन सेंटर में आयोजित कान्क्लेव में मध्य प्रदेश के दीर्घकालीन विकास के लिए केंद्रीय एवं शैक्षणिक संस्थानों, राज्य सरकार, उद्योग और अन्य हितधारकों के बीच मजबूत साझेदारी विकसित करने पर जोर दिया गया।

आइआइटी, आइआइएम और आइआइएसईआर का सहयोग प्रस्ताव

  • आइआइएसईआर भोपाल ने ड्रोन तकनीक, खनन और कृषि अनुसंधान में सहयोग की जानकारी दी। आइआइएम इंदौर ने कृषि सुधार, पर्यटन और पंचायती राज के डिजिटलीकरण में सहयोग का प्रस्ताव रखा। साथ ही आइआइटी इंदौर ने सेमीकंडक्टर क्षेत्र में तकनीकी विशेषज्ञता उपलब्ध कराने एवं आगामी चार-पांच वर्षों में 10,000 युवाओं को विशेषीकृत क्षेत्रों में प्रशिक्षित करेगा।

  • कान्क्लेव में संस्थानों ने राज्य की विकास प्राथमिकताओं के अनुरूप शोध, कौशल विकास, तकनीकी नवाचार, कृषि, उद्योग, पर्यटन, स्वास्थ्य, शहरी नियोजन और डिजिटल गवर्नेंस में सहयोग की प्रतिबद्धता व्यक्त की।
  • साइबर सुरक्षा, ऊर्जा और खेल प्रतिभाओं के विकास पर जोर

    • आइआइआइटी भोपाल ने साइबर सुरक्षा के क्षेत्र में विशेषज्ञता उपलब्ध कराने की बात कही। मैनिट भोपाल ने ऊर्जा संक्रमण, कौशल एवं उच्च शिक्षा में चल रही पहलों की जानकारी दी।
    • एलएनआइपीईयू ग्वालियर ने खेल, विज्ञान, प्रौद्योगिकी और उद्यमिता को जोड़ने एवं जमीनी स्तर पर खेल प्रतिभाओं को विकसित करने की प्रतिबद्धता जताई। सीएसआइआर-एएमपीआरआइ भोपाल ने कौशल विकास, महत्वपूर्ण खनिजों, पर्यावरणीय तकनीक और स्मार्ट विलेज पहल का उल्लेख किया।

    शहरी नियोजन और निरंतर सहयोग पर बनी सहमति

    एसपीए भोपाल ने शहरी नियोजन, आवास, परिवहन, पर्यावरण और विरासत संरक्षण में सहयोग की जानकारी दी, जबकि एनआइडी मप्र ने राज्य के लिए मानव-केंद्रित ‘डिजाइन इंजन’ की भूमिका निभाने की प्रतिबद्धता व्यक्त की। नीतिगत समन्वय, डिजिटल नालेज रिपाजिटरी एवं विशेषज्ञ डेटाबेस एवं केंद्रीय संस्थानों और राज्य सरकार के विभागों के बीच निरंतर सहयोग विकसित करने पर सहमति बनी।

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