
अंजली राय, भोपाल। मध्य प्रदेश सरकार अब सांदीपनि स्कूलों को नवोदय विद्यालयों की तर्ज पर विकसित करने की तैयारी में है। योजना के तहत प्रदेश के चुनिंदा सांदीपनि स्कूलों में स्टूडेंट्स के लिए हॉस्टल बनाए जाएंगे। इसका मकसद दूर-दराज और ग्रामीण इलाकों से आने वाले बच्चों को स्कूल के पास रहकर बेहतर क्वॉलिटी की एजुकेशन देना है। इस संबंध में शासन ने स्कूल शिक्षा विभाग को निर्देश जारी कर दिए हैं, जिसके बाद विभाग ने हॉस्टल निर्माण की तैयारी शुरू कर दी है।
फिलहाल प्रदेश के 274 सांदीपनि स्कूलों में स्टूडेंट्स को फ्री ट्रांसपोर्ट सुविधा मिल रही है। इसके बावजूद कई बच्चों को हर दिन लंबी दूरी तय करके स्कूल पहुंचना पड़ता है। खासकर बारिश और खराब मौसम में नियमित रूप से स्कूल जाना मुश्किल हो जाता है। इसी परेशानी को देखते हुए अब स्कूल कैंपस में हॉस्टल बनाए जाएंगे।
जनजातीय कार्य विभाग के तहत चल रहे सांदीपनि स्कूलों में पहले से हॉस्टल की सुविधा उपलब्ध है और इसके अच्छे नतीजे सामने आए हैं। इन्हीं अनुभवों के आधार पर अब स्कूल शिक्षा विभाग भी अपने अधीन संचालित सांदीपनि स्कूलों में यह व्यवस्था लागू करने जा रहा है। इससे सबसे ज्यादा फायदा ग्रामीण और दूरस्थ इलाकों के स्टूडेंट्स को मिलेगा।
हॉस्टल का संचालन नवोदय विद्यालयों के रेजिडेंशियल मॉडल पर किया जाएगा। यहां स्टूडेंट्स को सुरक्षित रहने की सुविधा, पौष्टिक भोजन, सुरक्षा और दूसरी जरूरी बेसिक फैसिलिटीज मिलेंगी। विभागीय अधिकारियों का मानना है कि इससे स्टूडेंट्स की रेगुलर अटेंडेंस बढ़ेगी, पढ़ाई की क्वॉलिटी बेहतर होगी और आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के बच्चों को अच्छा लर्निंग एनवायरमेंट मिलेगा। साथ ही रोजाना आने-जाने में बचने वाला समय पढ़ाई, खेलकूद और दूसरी एक्टिविटीज में लगाया जा सकेगा।
सांदीपनि विद्यालयों को नवोदय स्कूल की तर्ज पर विकसित किए जाने की तैयारी है। इस संबंध में डीपीआर तैयार कर लिया गया है।
डॉ. संजय गोयल,सचिव,स्कूल शिक्षा विभाग