• Jagran.com
  • Jagran Josh
  • Her Zindagi
  • Onlymyhealth
  • Jagran TV
  • Vishvas News
  • Inextlive
मेरी खबरें
  • होम
  • ताजा खबरें
  • मध्यप्रदेश
  • छत्तीसगढ़
  • उत्तर प्रदेश
  • देश
  • धर्म
  • मनोरंजन
  • राशिफल
  • लाइफस्टाइल
  • अन्य
    • बिज़नेस
    • बड़ी खबरें
    • खेल
    • विदेश
    • करियर
    • टॉपिक्स
    • टेक्नोलॉजी
    • शिक्षा
  • राज्य चुनें
  • ई-पेपर
  • राशिफल
  • राज्य चुनें
  • ई-पेपर
  • फटाफट
  • राशिफल
  • वेब स्टोरीज
नईदुनिया ट्रेंडिंग
  • बढ़ता यूपी
  • समृद्ध उत्तराखंड
  • Mutual Funds मास्टरी
  • होम
  • मध्य प्रदेश
  • भोपाल

एमपी बनेगा सेमीकंडक्टर हब, विदेशी बाजार पर निर्भरता कम करने को राज्य में ही तैयार होगी माइक्रो चिप

मध्य प्रदेश को सेमीकंडक्टर का हब बनाया जाएगा, ताकि विदेशी बाजार पर भारत की निर्भरता कम हो सके। इसके लिए मप्र में ही माइक्रो चिप तैयार की जाएगी।

By Sourabh SoniEdited By: ADITYA KUMAR
Publish Date: Sun, 02 Aug 2026 05:57:54 PM (IST)Updated Date: Sun, 02 Aug 2026 05:57:54 PM (IST)
एमपी बनेगा सेमीकंडक्टर हब, विदेशी बाजार पर निर्भरता कम करने को राज्य में ही तैयार होगी माइक्रो चिप
एमपी बनेगा सेमीकंडक्टर हब

राज्य ब्यूरो, नईदुनिया, भोपाल। मध्य प्रदेश को सेमीकंडक्टर का हब बनाया जाएगा, ताकि विदेशी बाजार पर भारत की निर्भरता कम हो सके। इसके लिए मप्र में ही माइक्रो चिप तैयार की जाएगी। सेमीकंडक्टर के क्षेत्र में निवेशकों को आकर्षित करने के लिए राज्य सरकार इसी माह ग्लोबल स्तर पर संवाद करेगी। भोपाल या इंदौर में एक संवाद कार्यक्रम आयोजित कर दुनियाभर के देशों के निवेशकों को आमंत्रित किया जाएगा। संवाद कर निवेशकों को इस क्षेत्र में मध्य प्रदेश की विशेषताएं, सेमीकंडक्टर नीति और सब्सिडी आदि से अवगत कराया जाएगा।

स्किल्ड मानव संसाधन के लिए एजेंसियों और कॉलेजों से संपर्क

इस क्षेत्र में सबसे बड़ी समस्या मानव संसाधन की है। इसके लिए राज्य सरकार ऐसी एजेंसियों से संपर्क कर रही है, जिनके पास स्किल्ड युवाओं की टीम पहले से ही तैयार रहे, ताकि निवेशक कंपनी अपनी आवश्यकता अनुसार उनकी सेवाएं ले सके। कॉलेजों में ईसीई (इलेक्ट्रॉनिक्स एंड कम्युनिकेशन इंजीनियरिंग) जैसी तकनीकी पढ़ाई कर रहे छात्रों से भी संपर्क किया जाएगा। साथ ही प्रयास होगा कि निवेशकों को एक माह के भीतर इकाई स्थापित करने के लिए जमीन आवंटन सहित अन्य अनुमतियां मिल जाएं।


विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग पर्यावरण, फायर सेफ्टी जैसी अनुमतियां पहले से ही लेकर रखेगा, ताकि निवेशक आकर सीधे औद्योगिक इकाई स्थापित कर सकें। इसके अलावा औद्योगिक इकाइयों को नीति के अनुरूप सब्सिडी भी दी जाएगी।

पारस डिफेंस ने किया 6,200 करोड़ का निवेश

पारस डिफेंस एंड स्पेस टेक्नोलॉजीस लिमिटेड ने प्रदेश में 6,200 करोड़ के निवेश से विश्वस्तरीय ओएसएटी सेमीकंडक्टर इकाई स्थापित करने के लिए एमओयू हस्ताक्षरित किया है। पारस सेमीकंडक्टर्स द्वारा भारत की पहली अत्याधुनिक एडवांस्ड हेटेरोजीनियस पैकेजिंग ओसेट (आउटसोर्स्ड सेमीकंडक्टर असेंबली एंड टेस्ट) इकाई की स्थापना की जा रही है।

यह भी पढ़ें- शहडोल के प्राचीन मंदिर में शिवलिंग चोरी होने से मचा हड़कंप! गोताखोरों की मदद से तालाब में तलाश जारी

मप्र में सेमीकंडक्टर के क्षेत्र में निवेश की संभावनाओं से निवेशकों को अवगत कराने के लिए ग्लोबल स्तर पर संवाद करेंगे। भोपाल या इंदौर में जल्द ही एक संवाद कार्यक्रम करेंगे। सरकार का प्रयास है कि निवेशक एक माह के भीतर औद्योगिक इकाई स्थापित कर लें। - एम सेलवेंद्रन, प्रमुख सचिव, मप्र विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग