
नवदुनिया प्रतिनिधि, भोपाल। मध्य प्रदेश में शिक्षक भर्ती 2025 के वर्ग-2 (माध्यमिक शिक्षक) और वर्ग-3 (प्राथमिक शिक्षक) के अभ्यर्थियों ने सोमवार को पद वृद्धि की मांग को लेकर राजधानी में अनोखा प्रदर्शन किया। प्रदेश के विभिन्न जिलों से पहुंचे हजारों अभ्यर्थियों ने अर्धनग्न होकर दंडवत यात्रा निकाली और सरकार से रिक्त पदों के अनुरूप भर्ती में पदों की संख्या बढ़ाने की मांग की।
अभ्यर्थियों ने एमपी नगर स्थित जनजातीय कार्य विभाग कार्यालय से लेकर लोक शिक्षण संचालनालय (डीपीआई) तक दंडवत करते हुए मार्च निकाला। इस दौरान महिला एवं पुरुष अभ्यर्थियों ने हाथों में तख्तियां लेकर नारेबाजी की और पदवृद्धि की मांग की। उन्होंने प्राथमिक शिक्षक में 25 हजार पद बढ़ाने और माध्यमिक शिक्षक में प्रत्येक विषय में तीन-तीन हजार अतिरिक्त पद सृजित करने की मांग की है। दोपहर डेढ़ बजे वर्षा के दौरान भींगते हुए कई अभ्यर्थी सड़क पर लेटकर भी विरोध दर्ज कराते नजर आए।

इसके बाद आयुक्त अभिषेक सिंह ने दो प्रतिनिधियों को बुलाकर उनका ज्ञापन लिया और आश्वासन दिया कि रिक्त पदों की गणना कराएंगे और फिर पदवृद्धि करने पर विचार किया जाएगा। अभ्यर्थियों ने चेतावनी दी है कि यदि सरकार जल्द पद वृद्धि और भर्ती प्रक्रिया पूर्ण करने का निर्णय नहीं लेती है तो आंदोलन को और व्यापक एवं उग्र रूप दिया जाएगा।

अभ्यर्थियों का कहना है कि वे पिछले नौ महीनों से लगातार आंदोलन कर रहे हैं, लेकिन अब तक उनकी मांगों पर कोई ठोस निर्णय नहीं लिया गया है। उनका कहना है कि मध्यप्रदेश में शिक्षकों के डेढ़ लाख से अधिक पद रिक्त हैं। स्कूल शिक्षा विभाग में लगभग एक लाख और जनजातीय कार्य के स्कूलों में करीब 50 हजार पद खाली हैं। वहीं हजारों उम्मीदवार पात्रता परीक्षा और चयन परीक्षा उत्तीर्ण करने के बावजूद रोजगार से वंचित हैं।