
राज्य ब्यूरो, नईदुनिया, भोपाल। मध्य प्रदेश वक्फ बोर्ड अब अपनी संपत्तियों से अर्जित आय का उपयोग बेसहारा (अनाथ) बच्चों की पढ़ाई पर करेगा। बोर्ड भोपाल में रहने वाले 289 बेसहारा बच्चों की स्कूल फीस के लिए 21 लाख रुपये से अधिक की राशि खर्च करने जा रहा है।
प्रत्येक बच्चे की फीस के लिए अधिकतम 10 हजार रुपये दिए जाएंगे। यह राशि 13 अक्टूबर को वक्फ बोर्ड कार्यालय परिसर स्थित यतीमखाना मैदान में आयोजित कार्यक्रम में दी जाएगी।
वक्फ बोर्ड के अनुसार, यतीमखाना संपत्ति से अर्जित आय का उपयोग दानदाता की मंशा और शर्तों के अनुरूप बच्चों की शिक्षा जारी रखने के लिए किया जा रहा है। इसके लिए समाचार पत्रों में दो बार विज्ञप्ति प्रकाशित कर आवेदन आमंत्रित किए गए थे।
प्राप्त आवेदनों की जांच और परीक्षण के बाद 289 बच्चों को सहायता के लिए पात्र पाया गया। बोर्ड ने पारदर्शी प्रक्रिया के तहत सभी आवेदनों की स्क्रूटनी की है।
बोर्ड के अध्यक्ष डा. सनवर पटेल का दावा है कि देश में मप्र का पहला वक्फ बोर्ड है, जो मुस्लिम समाज के यतीम बच्चों की स्कूल फीस भरने की योजना पर अमल कर रहा है।
उन्होंने बताया कि वक्फ संशोधन कानून के बाद प्रदेश की वक्फ संपत्तियों को अवैध कब्जों से मुक्त कराने के प्रयास किए गए हैं। इन संपत्तियों से प्राप्त आय का उपयोग जरूरतमंद बच्चों की पढ़ाई पर किया जा रहा है।
मुख्यमंत्री डा. मोहन यादव की मंशा के अनुरूप बोर्ड सामाजिक सुधार और प्रगति के लिए काम कर रहा है, ताकि आर्थिक कारणों से किसी बच्चे की पढ़ाई नहीं रुके।