यह एक आर्काइव लेख है, जिसे May 27, 2025 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
Weather Of MP: नौतपा में बारिश का सिलसिला जारी, प्रदेश में जून के दूसरे सप्ताह में आ सकता है मानसून
बंगाल की खाड़ी में बने चक्रवात के असर से मध्य प्रदेश में प्री-मानसून गतिविधियां तेज हो गई हैं। राजधानी भोपाल समेत कई जिलों में झमाझम बारिश हुई। टीकमगढ...और पढ़ें
Publish Date: Tue, 27 May 2025 08:55:21 PM (IST)Updated Date: Tue, 27 May 2025 08:55:21 PM (IST)
मध्य प्रदेश में जल्द आएगा मानसून। (फाइल फोटो)HighLights
- बंगाल की खाड़ी में कम दबाव का क्षेत्र सक्रिय
- भोपाल में गरज-चमक के साथ झमाझम बारिश
- झाबुआ के भाभरा में सर्वाधिक 70 मिमी वर्षा
नईदुनिया प्रतिनिधि, भोपाल। बंगाल की खाड़ी में हवा के ऊपरी हिस्से में बने चक्रवाती परिसंचरण ने अब एक कम दबाव के क्षेत्र का रूप ले लिया है। इसका असर पूरे मध्य प्रदेश के मौसम पर देखने को मिल रहा है।
प्रदेश में बीते कुछ दिनों से रुक-रुककर हो रही बारिश और उमस से लोग राहत और परेशानी दोनों का सामना कर रहे हैं। मंगलवार को नौतपा के तीसरे दिन राजधानी भोपाल समेत कई जिलों में तेज हवाओं के साथ बारिश हुई। मौसम विभाग ने बुधवार को भी कुछ स्थानों पर बारिश की संभावना जताई है।
भोपाल में झमाझम बारिश
राजधानी भोपाल में दिन भर भीषण उमस के बाद शाम को अचानक मौसम बदला। तेज गरज-चमक के साथ करीब 20 मिनट तक झमाझम बारिश हुई, जिससे शहर के कई इलाकों में पानी भर गया। ट्रैफिक भी प्रभावित हुआ। इस दौरान शहर में सात मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई।
कई जिलों में रुक-रुककर बारिश
मौसम विज्ञान केंद्र से प्राप्त जानकारी के अनुसार, बीते 24 घंटों में कई जिलों में हल्की से मध्यम वर्षा दर्ज की गई। झाबुआ के भाभरा में सर्वाधिक 70 मिमी, भिंड के लहार में 34 मिमी, पेटलावद में 27.8 मिमी, अशोकनगर में 24 मिमी, आलीराजपुर में 16.8 मिमी, झाबुआ में 15.2 मिमी, राजगढ़ में 6.2 मिमी, ग्वालियर एवं रतलाम में 6 मिमी और धार में 5 मिमी वर्षा रिकॉर्ड की गई।
मानसून की दस्तक के बन रहे अनुकूल हालात
- मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, बंगाल की खाड़ी में बना चक्रवात अगले 48 घंटों में तीव्र हो सकता है और अवदाब के क्षेत्र में बदल सकता है। इससे मानसून के आगे बढ़ने की संभावनाएं और भी अधिक प्रबल हो जाएंगी।
- वर्तमान में दक्षिण-पश्चिम मानसून की उत्तरी सीमा मुंबई, पुणे, शोलापुर, कालाबुरागी, महबूबनगर, कवाली, अगरतला और गोलपाड़ा से होकर गुजर रही है।
तीन अन्य मौसम प्रणालियां भी सक्रिय
- मौसम वैज्ञानिक अजय शुक्ला ने बताया कि दक्षिणी छत्तीसगढ़ और उससे लगे विदर्भ क्षेत्र पर हवा के ऊपरी भाग में एक चक्रवात बना है। इसके साथ ही पश्चिमी मध्य प्रदेश के मध्य हिस्से में भी एक अन्य चक्रवातीय परिसंचरण सक्रिय है।
- इसके अलावा दक्षिण-पूर्व राजस्थान से होकर पश्चिमी मध्य प्रदेश तक फैली एक द्रोणिका उत्तरी छत्तीसगढ़ तक बनी हुई है। ये सभी प्रणालियां मिलकर प्रदेश के मौसम को लगातार प्रभावित कर रही हैं।
टीकमगढ़ सबसे गर्म
प्रदेश में सबसे अधिक तापमान टीकमगढ़ में दर्ज किया गया, जहां पारा 41.5 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया। वहीं, बारिश के चलते अधिकांश शहरों में तापमान में हल्की गिरावट आई है, लेकिन उमस अभी भी लोगों को परेशान कर रही है।
20 जून तक पहुंच सकता है मानसून
मौसम विज्ञानियों ने अनुमान जताया है कि मध्य प्रदेश में मानसून जून के दूसरे सप्ताह के अंत तक दस्तक दे सकता है। फिलहाल प्रदेश में मानसून पूर्व की गतिविधियां सक्रिय हैं, जिससे आने वाले दिनों में वर्षा की आवृत्ति बढ़ने की संभावना है।