यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Feb 20, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
MP Weather News: पश्चिमी हवाओं के असर से दिन में तपिश बढ़ी, ग्वालियर, चंबल में बने रहेंगे वर्षा के आसार
पश्चिमी विक्षोभ के उत्तर भारत से आगे बढ़ने के बाद दो दिन बाद रात के तापमान में कुछ गिरावट हो सकती है। 24 फरवरी को एक नए पश्चिमी विक्षोभ के उत्तर भारत ...और पढ़ें
By Ravindra SoniEdited By: Ravindra Soni
Publish Date: Tue, 20 Feb 2024 01:48:48 PM (IST)Updated Date: Tue, 20 Feb 2024 01:48:48 PM (IST)
प्रतीकात्मक चित्रHighLights
- एक पश्चिमी विक्षोभ पाकिस्तान पर हवा के ऊपरी भाग में चक्रवात के रूप में बना हुआ है।
- पश्चिमी जेट स्ट्रीम उत्तर भारत से लेकर मध्य प्रदेश तक 12 किलोमीटर की ऊंचाई पर मौजूद है।
- उत्तर भारत के पहाड़ी क्षेत्रों में हो रही बर्फबारी।
भोपाल (नवदुनिया प्रतिनिधि)। पाकिस्तान पर अलग-अलग स्थानों पर बनी तीन मौसम प्रणालियों के असर से उत्तर भारत के पहाड़ों पर जबरदस्त बर्फबारी हो रही है। मैदानी क्षेत्रों में वर्षा का सिलसिला भी बना हुआ है। प्रदेश के ग्वालियर, चंबल संभाग में भी बादल बने हुए है। मौसम विज्ञानियों के मुताबिक हवाओं का रुख पश्चिमी बना रहने से दिन के तापामान में बढ़ोतरी हो रही है। सोमवार को प्रदेश में सबसे अधिक 34.4 डिग्री सेल्सियस तापमान खजुराहो में दर्ज किया गया था। उधर आसमान साफ रहने के कारण रात के समय गुलाबी ठंड बरकरार है। अगले 24 घंटों के दौरान ग्वालियर-चंबल संभाग के जिलों में गरज-चमक के साथ वर्षा होने की संभावना है। शेष क्षेत्रों में मौसम शुष्क रहने के आसार हैं। मौसम विभाग के मुताबिक अगले चौबीस घंटों के दौरान प्रदेश के ज्यादातर इलाकों में अधिकतम व न्यूनतम तापमान में 02 से 03 डिग्री सेल्सियस की गिरावट आ सकती है।
ये वेदर सिस्टम सक्रिय
मौसम विज्ञान केंद्र से मिली जानकारी के मुताबिक वर्तमान में वर्तमान में एक पश्चिमी विक्षोभ पाकिस्तान पर हवा के ऊपरी भाग में चक्रवात के रूप में बना हुआ है। उसके साथ एक द्रोणिका भी संबद्ध है। पाकिस्तान के मध्य में एक प्रेरित चक्रवात भी बना हुआ है। इस अलावा पश्चिमी जेट स्ट्रीम उत्तर भारत से लेकर मध्य प्रदेश तक 12 किलोमीटर की ऊंचाई पर मौजूद है। उसने 300 किलोमीटर की रफ्तार से हवाएं चल रही हैं।
उत्तरी पहाड़ों में हो रही बर्फबारी
मौसम विज्ञान केंद्र के पूर्व वरिष्ठ मौसम विज्ञानी अजय शुक्ला ने बताया कि अलग-अलग स्थानों पर बनी मौसम प्रणालियों के असर से उत्तर भारत के पहाड़ों पर लगातार बर्फबारी हो रही है। उनके प्रभाव से उत्तरी मध्य प्रदेश के ग्वालियर, चंबल संभाग के जिलों में वर्षा हो रही है। उधर हवाओं का रुख पश्चिमी बना रहने से प्रदेश के शेष क्षेत्रों में दिन का तापमान बढ़ रहा है। पश्चिमी विक्षोभ के उत्तर भारत से आगे बढ़ने के बाद दो दिन बाद रात के तापमान में कुछ गिरावट हो सकती है। हालांकि 24 फरवरी को एक नए पश्चिमी विक्षोभ के उत्तर भारत में आने से 26 फरवरी के आसपास पूरे प्रदेश में बादल छा सकते हैं।