यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jun 21, 2023 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
MP Weather News: सागर संभाग में भारी वर्षा के आसार, भोपाल, ग्वालियर, रीवा, जबलपुर सहित कई शहर होंगे तरबतर
कमजोर पड़कर कम दबाव के क्षेत्र में बदला बिपर्जय। उप्र पर है सक्रिय। दक्षिण-पश्चिम मानसून के आगे बढ़ने के लिए स्थितियां अनुकूल!
By Ravindra SoniEdited By: Ravindra Soni
Publish Date: Wed, 21 Jun 2023 01:48:58 PM (IST)Updated Date: Wed, 21 Jun 2023 01:48:58 PM (IST)

भोपाल (नवदुनिया प्रतिनिधि)। चक्रवात बिपर्जय कमजोर पड़ने के बाद उत्तर प्रदेश की तरफ बढ़ गया है। वर्तमान में यह उत्तर प्रदेश के मध्य में कम दबाव के क्षेत्र में बना हुआ है। इस चक्रवात से लेकर पंजाब तक एक ट्रफ लाइन बनी हुई है। इन दो मौसम प्रणालियों के असर से प्रदेश में रुक-रुककर वर्षा होने का सिलसिला शुरू होगा। मौसम विज्ञानियों के मुताबिक बुधवार गुरुवार को सागर संभाग एवं आसपास भारी वर्षा हो सकती है। इसके अलावा भोपाल, ग्वालियर, चंबल, रीवा, जबलपुर, शहडोल, इंदौर, उज्जैन संभाग के जिलों में भी तेज रफ्तार से हवाएं चलने के साथ ही गरज-चमक के साथ तेज बौछारें पड़ने की संभावना है।
बंगाल की खाड़ी में भी एक मौसम प्रणाली के सक्रिय होने से दक्षिण-पश्चिम मानसून के आगे बढ़ने के लिए स्थितियां अनुकूल हो रही हैं। उधर पिछले 24 घंटों के दौरान बुधवार सुबह साढ़े आठ बजे तक भोपाल में 44.6, गुना में 37.6, ग्वालियर में 10.6, दतिया में नौ, उमरिया में 6.2, शिवपुरी में छह, रायसेन में तीन, छिंदवाड़ा में 0.4 मिलीमीटर वर्षा हुई।
मौसम विज्ञान केंद्र से मिली जानकारी के मुताबिक बिपर्जय के असर से हवाओं के साथ नमी आने के कारण प्रदेश के अधिकतर शहरों में बादल छाने लगे हैं। अभी तक पश्चिमी मप्र में वर्षा हो रही थी, लेकिन बुधवार से पूर्वी मप्र के शहरों में भी वर्षा होने का सिलसिला शुरू हो सकता है। मौसम विज्ञान केंद्र के पूर्व वरिष्ठ मौसम विज्ञानी अजय शुक्ला ने बताया कि बंगाल की खाड़ी में उत्तरी आंध्र प्रदेश एवं दक्षिणी ओडिशा पर हवा के ऊपरी भाग में एक चक्रवात बन गया है। इस मौसम प्रणाली के ऊर्जावान होकर मप्र की तरफ बढ़ने के संकेत मिले हैं। इसके साथ ही मप्र में 24 जून तक मानसून का प्रवेश हो सकता है।