यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Oct 01, 2021 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
MP Weather news: सुस्त पड़ा मानसून, भोपाल, होशंगाबाद, इंदौर, उज्जैन में गरज-चमक के साथ हल्की बौछारें पड़ने के आसार
MP Weather news: छह अक्टूबर से पश्चिमी राजस्थान से शुरू हो सकती है मानसून की विदाई!
By Ravindra SoniEdited By: Ravindra Soni
Publish Date: Fri, 01 Oct 2021 02:21:55 PM (IST)Updated Date: Fri, 01 Oct 2021 02:21:55 PM (IST)

MP Weather news: भोपाल (नवदुनिया प्रतिनिधि)। गुजरात के रास्ते अरब सागर में पहुंचा गहरा अवदाब का क्षेत्र चक्रवाती तूफान साहिन में तब्दील हो गया है। यह तूफान पाकिस्तान की तरफ बढ़ रहा है। उधर बिहार पर एक कम दबाव का क्षेत्र बना हुआ है। इसके अतिरिक्त मध्यप्रदेश के मध्य भाग में विपरीत दिशा की हवाओं (पूर्वी-पश्चिमी) का टकराव हो रहा है। मौसम विज्ञानियों के मुताबिक अभी दो-तीन दिन तक भोपाल, होशंगाबाद, इंदौर, उज्जैन संभागों के जिलों में कहीं-कहीं गरज-चमक के साथ हल्की बौछारें पड़ने की संभावना है। छह अक्टूबर से पश्चिमी राजस्थान से मानसून की विदाई की शुरुआत होने के भी संकेत मिलने लगे हैं।
मौसम विज्ञान केंद्र के मौसम विज्ञानी पीके साहा ने बताया कि पिछले 24 घंटों के दौरान शुक्रवार सुबह साढ़े आठ बजे तक सिवनी में 112.8, पचमढ़ी में 62, सागर में 28.2, श्योपुरकलां में नौ, छिंदवाड़ा में 4.2, उमरिया में 3.6, मलाजखंड मे तीन, भोपाल शहर में दो, सीधी में 1.4, बैतूल में 1.2, रायसेन में एक, रतलाम में एक मिलीमीटर बारिश हुई।
बंगाल की खाड़ी में बदलने लगा हवाओं का रुख
मौसम विज्ञान केंद्र के पूर्व वरिष्ठ मौसम विज्ञानी अजय शुक्ला ने बताया कि वर्तमान में अरब सागर में चक्रवाती तूफान साहिन मौजूद है। बिहार और उसके आसपास एक कम दबाव का क्षेत्र भी बना हुआ है। इन दोनों सिस्टम का विशेष असर मध्य प्रदेश में पड़ने की संभावना कम है। हालांकि वर्तमान में मध्यप्रदेश के मध्य में विपरीत दिशा की हवाओं का टकराव हो रहा है। जिसके चलते भोपाल, होशंगाबाद, इंदौर, उज्जैन संभागों के जिलों में कहीं-कहीं गरज-चमक के साथ हल्की बौछारें पड़ने की संभावना बनी हुई है। शुक्ला ने बताया कि बंगाल की खाड़ी में पूर्वी हवाएं चलने लगी हैं। यह दक्षिण पश्चिम मानसून की विदाई का संकेत है। राजस्थान में पांच अक्टूबर के आसपास प्रति चक्रवात बनने के आसार हैं। इस वजह से छह अक्टूबर से पश्चिमी राजस्थान से मानसून की विदाई की शुरुआत भी हो सकती है।