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डिजिटल डेस्क, भोपाल। मध्यप्रदेश में दशहरे के दिन मौसम (MP Weather Forecast) का मिजाज बिगड़ा रहेगा। मौसम विभाग ने 20 अक्टूबर को प्रदेश के पश्चिमी हिस्से में आंधी-बारिश की संभावना जताई है। इंदौर, उज्जैन, भोपाल और नर्मदापुरम संभाग के 15 जिलों में अलर्ट (IMD Rain Alert) जारी किया गया है। वहीं पूर्वी हिस्से में मौसम साफ रहने का अनुमान है।
मौसम विभाग के मुताबिक 19, 20, 21 और 22 अक्टूबर को प्रदेश के पश्चिमी हिस्से में बारिश हो सकती है। दशहरे के दिन यानी 20 अक्टूबर को इंदौर, उज्जैन, रतलाम, झाबुआ, आलीराजपुर, बड़वानी, धार, खरगोन, बुरहानपुर, खंडवा, देवास, शाजापुर, हरदा और बैतूल में बारिश होने की संभावना है। इस दौरान 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से आंधी चल सकती है। वहीं पूर्वी हिस्से में धूप खिली रहेगी और मौसम साफ रहेगा।
दशहरे से एक दिन पहले सोमवार को भी प्रदेश के 15 जिलों में बारिश होने का अनुमान है। इनमें भोपाल, उज्जैन, आगर-मालवा, राजगढ़, शाजापुर, देवास, सीहोर, विदिशा, गुना, अशोकनगर, शिवपुरी, टीकमगढ़, छतरपुर, सागर और दमोह जिले शामिल हैं। मौसम विभाग ने इन जिलों में गरज-चमक के साथ हल्की से मध्यम बारिश की चेतावनी दी है।
रविवार को इंदौर, सीहोर और शाजापुर में तेज बारिश दर्ज की गई। सीहोर में तेज हवाओं के कारण माता के पंडालों के टेंट उड़ गए। महू में गरबा और माता की स्थापना के लिए लगाए गए पंडालों में पानी भर गया। कई जगहों पर दशहरे के लिए तैयार किए गए रावण के पुतले भी बारिश में भीग गए, जिससे आयोजकों को परेशानी का सामना करना पड़ा।
गुना में रविवार शाम अचानक मौसम बदला और आधे घंटे से ज्यादा समय तक मूसलाधार बारिश हुई। शहर की मुख्य सड़कें जलमग्न हो गईं। बेमौसम बारिश का सबसे ज्यादा असर किसानों पर पड़ा है। खेतों में कटी पड़ी मक्का की फसल भीग गई, जिससे किसानों की चिंता बढ़ गई है। मंडी में खुले में सूखने के लिए रखी गई मक्का बारिश के पानी के साथ नालियों में बह गई। इससे व्यापारियों को लाखों रुपए का नुकसान होने की बात सामने आई है।
मौसम विभाग के अनुसार प्रदेश के पश्चिमी हिस्से से एक ट्रफ गुजर रही है। साथ ही साइक्लोनिक सर्कुलेशन यानी चक्रवात का असर भी बना हुआ है। इन्हीं दो सिस्टम के कारण आंधी-बारिश का दौर शुरू हुआ है। अगले चार दिन तक पश्चिमी हिस्से में इसी तरह का मौसम बने रहने की संभावना है।
प्रदेश से इस बार दक्षिण-पश्चिम मानसून 3 अक्टूबर को ही लौट चुका है, लेकिन नए सिस्टम सक्रिय होने से बारिश का दौर फिर शुरू हो गया है। पिछले एक सप्ताह से पूर्वी और पश्चिमी हिस्से के कई जिलों में आंधी-बारिश देखी जा रही है। पिछले 4 दिन से कई जिलों में तेज बारिश हो रही है।
मौसम विशेषज्ञ शैलेंद्र कुमार नायक ने बताया कि पिछले 10 साल के आंकड़ों को देखें तो अक्टूबर में बारिश, गर्मी और ठंड का मिला-जुला ट्रेंड रहता है। इस बार भी वैसा ही हो रहा है। अक्टूबर की शुरुआत में मौसम साफ हो गया था और तेज धूप निकली थी, रात में ठंडक महसूस हो रही थी, लेकिन अब फिर से बारिश लौट आई है। इस बार प्रदेश में 100 दिन तक मानसून सक्रिय रहा।
प्रदेश के 25 जिलों में बारिश का कोटा पूरा हो चुका है। इनमें भोपाल, राजगढ़, बुरहानपुर, खरगोन, कटनी, मंडला, डिंडौरी, ग्वालियर, गुना, दतिया, पन्ना, छतरपुर, टीकमगढ़, निवाड़ी, मैहर, आगर-मालवा, भिंड, श्योपुर, सिंगरौली, सीधी, सतना, मऊगंज, शहडोल, उमरिया और अनूपपुर शामिल हैं।
30 जिलों में अभी भी सामान्य से कम बारिश हुई है। इनमें नरसिंहपुर, दमोह, बालाघाट, अशोकनगर, मुरैना, मंदसौर, खंडवा, बड़वानी, नीमच, जबलपुर, रीवा, सागर, देवास, सिवनी, सीहोर, शिवपुरी, रायसेन, छिंदवाड़ा, विदिशा, शाजापुर, पांढुर्णा, इंदौर, उज्जैन, बैतूल, हरदा, नर्मदापुरम, रतलाम, झाबुआ, धार और आलीराजपुर शामिल हैं।