
नवदुनिया प्रतिनिधि, भोपाल: मध्य प्रदेश पर बने कम दबाव के क्षेत्र के असर से पिछले 24 घंटों के दौरान पूर्वी मध्य प्रदेश के कई शहरों में भारी वर्षा हुई। इसके चलते दमोह, सिवनी, मंडला, सागर जिले में बाढ़ जैसे हालात बन गए। हालांकि कम दबाव का क्षेत्र कमजोर पड़कर हवा के ऊपरी भाग में चक्रवात बनने के साथ ही झारखंड की तरफ चला गया है। इस वजह से मध्य प्रदेश में अब भारी वर्षा होने की संभावना नहीं है।
मौसम विज्ञानियों के मुताबिक, बुधवार को जबलपुर, शहडोल, रीवा, सागर, ग्वालियर और चंबल संभाग के जिलों में कहीं-कहीं मध्यम वर्षा हो सकती है। शेष क्षेत्र में छिटपुट वर्षा होने के आसार हैं। मध्य प्रदेश में एक जून से लेकर 23 जुलाई की सुबह साढ़े आठ बजे तक 351.1 मिमी. वर्षा हुई है, जो सामान्य वर्षा (359.6 मिमी.) की तुलना में दो प्रतिशत कम है।
मंगलवार को सुबह साढ़े आठ बजे से शाम साढ़े पांच बजे तक सतना में 27, जबलपुर में 18, खजुराहो एवं धार में 13, शिवपुरी एवं मलाजखंड में नौ, नर्मदापुरम, इंदौर एवं नौगांव में छह, उमरिया एवं सागर में पांच, टीकमगढ़ एवं दमोह में तीन, नरसिंहपुर एवं खंडवा में दो, भोपाल, मंडला, ग्वालियर एवं रीवा में एक और उज्जैन एवं गुना में 0.2 मिलीमीटर वर्षा हुई।
मौसम विज्ञान केंद्र से मिली जानकारी के मुताबिक, मानसून द्रोणिका बीकानेर, सीकर, ग्वालियर, खजुराहो, रांची, दीघा से होते हुए बंगाल की खाड़ी तक बनी हुई है। कम दबाव के कमजोर पड़ने के बाद झारखंड के ऊपर हवा के ऊपरी भाग में एक चक्रवात के रूप में बना हुआ है। पश्चिमी उत्तर प्रदेश पर हवा के ऊपरी भाग में चक्रवात है।
दक्षिण-पश्चिमी राजस्थान पर भी हवा के ऊपरी भाग में चक्रवात बना हुआ है। महाराष्ट्र के आसपास विपरीत दिशा की हवाओं का सम्मिलन (विंड शियर) बना हुआ है। इसके अतिरिक्त गुजरात से लेकर कर्नाटक तक अपतटीय द्रोणिका बनी हुई है।
मौसम विज्ञान केंद्र के पूर्व वरिष्ठ मौसम विज्ञानी अजय शुक्ला ने बताया कि पूर्वी मध्य प्रदेश पर बना कम दबाव का क्षेत्र कमजोर पड़ने के बाद झारखंड चला गया है। इस वजह से अब मध्य प्रदेश में वर्षा की गतिविधियों में कमी आने की संभावना है।
हालांकि मानसून द्रोणिका के मध्य प्रदेश में बने रहने के कारण जबलपुर, शहडोल, रीवा, सागर ग्वालियर, चंबल संभाग के जिलों में कहीं-कहीं मध्यम वर्षा हो सकती है। शेष क्षेत्रों में गरज-चमक के साथ हल्की बौछारें पड़ सकती हैं।
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पिछले 24 घंटों के दौरान मंगलवार सुबह साढ़े आठ बजे तक मंडला जिले के बीजाडांडी में 272.3 मिमी (10 इंच से अधिक) वर्षा हुई। दमोह में 190, सिवनी में 146.8, सागर में 142.8, मंडला में 71.1, नरसिंहपुर में 62, पचमढ़ी में 60.6, जबलपुर में 58.6, उमरिया में 52.4, गुना में 37.6, छिंदवाड़ा में 34.8, मलाजखंड में 29, नर्मदापुरम में 24.6, भोपाल में 23.1, बैतूल में 13.6 मिलीमीटर वर्षा हुई।
पोरसा कस्बे में मंगलवार को पोरसा में लगभग 45 मिनट झमाझम वर्षा हुई। इसके बाद पूरे कस्बे में जनभराव हो गया। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में ही लगभग एक से डेढ़ फीट पानी भर गया, पुलिस के पुराने क्वार्टरों में इस कदर पानी भरा कि घरों का सामान भी इस पानी में उतराने लगा। बाजारों की स्थिति भी बदतर हो गई।