
नईदुनिया प्रतिनिधि, भोपाल। मध्य प्रदेश में मानसून के आने का बेसब्री से इंतजार किया जा रहा है। इस बीच प्रदेश के विभिन्न हिस्सों में प्री-मानसूनी गतिविधियां लगातार जारी हैं, जिससे कहीं राहत तो कहीं अब भी सूखे जैसे हालात बने हुए हैं। इस दौरान प्रदेश के जिलों में वर्षा का अलग-अलग पैटर्न देखने को मिला।
मौसम विज्ञान केंद्र के आंकड़ों के अनुसार 1 से 18 जून के बीच पूरे मध्य प्रदेश में औसत 46.8 मिलीमीटर के मुकाबले केवल 28.4 मिलीमीटर वर्षा दर्ज की गई है, जो 39 प्रतिशत कम है। पूर्वी मध्य प्रदेश में औसत से 61 प्रतिशत कम पानी गिरा है। पश्चिमी मध्य प्रदेश में यह कमी 22 प्रतिशत है। गुरुवार को भी नीमच, ग्वालियर समेत कई जिलों में 70 किलोमीटर की तेज रफ्तार आंधी-तूफान के साथ प्री-मानसून की बौछारें पड़ीं।
प्री-मानसून सीजन में राजधानी भोपाल पर बादल मेहरबान रहे हैं। यहां 18 जून तक सामान्य वर्षा का आंकड़ा 52.0 मिलीमीटर होना चाहिए था, लेकिन इसके मुकाबले 100.7 मिलीमीटर वर्षा हो चुकी है, जो सामान्य से 94 प्रतिशत अधिक है।
वहीं इंदौर और सागर में आंकड़े चिंताजनक हैं। इंदौर में इस अवधि की सामान्य वर्षा 58.0 मिलीमीटर के मुकाबले केवल 25.3 मिलीमीटर ही पानी गिरा है, जो औसत से 56 प्रतिशत कम है। वहीं सागर जिले में भी सामान्य वर्षा 53.5 मिलीमीटर के मुकाबले महज 23.3 मिलीमीटर वर्षा दर्ज की गई है, जो सामान्य से 56 प्रतिशत कम है।
| जिला | वास्तविक वर्षा | सामान्य वर्षा | स्थिति (औसत से कम या अधिक) |
| भोपाल | 100.7 मिलीमीटर | 52.0 text मिलीमीटर | 94 प्रतिशत अधिक |
| इंदौर | 25.3 मिलीमीटर | 58.0 मिलीमीटर | 56 प्रतिशत कम |
| सागर | 23.3 मिलीमीटर | 53.5 मिलीमीटर | 56 प्रतिशत कम |
| श्योपुर | 48.1 मिलीमीटर | 21.1 मिलीमीटर | 128 प्रतिशत अधिक |
| बड़वानी | 2.9 मिलीमीटर | 55.0 मिलीमीटर | 95 प्रतिशत कम |
पूर्वी हिस्से के कई जिलों में स्थिति चिंताजनक
बालाघाट - यहां सामान्य से 83 प्रतिशत कम वर्षा हुई।
टीकमगढ़ - सामान्य से 79 प्रतिशत कम वर्षा दर्ज की गई।
मैहर और दमोह - यहां 76 प्रतिशत और 75 प्रतिशत कम वर्षा हुई।
जबलपुर और छिंदवाड़ा - इन बड़े केंद्रों में भी सामान्य से 61 प्रतिशत कम पानी गिरा।
पश्चिमी मध्य प्रदेश में स्थिति कुछ बेहतर, लेकिन औसत से 22 प्रतिशत कम
श्योपुर - यहां रिकॉर्ड 128 प्रतिशत अधिक वर्षा हुई।
भोपाल - यहां सामान्य 52 मिलीमीटर के मुकाबले 100.7 मिलीमीटर वर्षा हुई, जो सामान्य से 94 प्रतिशत अधिक है।
नीमच और गुना - नीमच में 87 प्रतिशत और गुना में 62 प्रतिशत अधिक वर्षा हुई।
बड़वानी में 95 प्रतिशत कम, धार में 90 प्रतिशत कम और खरगोन में 91 प्रतिशत कम वर्षा दर्ज की गई है।
'प्रदेश में एक से 18 जून तक औसत वर्षा 46.8 मिलीमीटर के मुकाबले 28.4 मिलीमीटर हुई, जो 39 प्रतिशत कम है। मानसून दो दिन से एक ही जगह पर खड़ा है। चार-पांच दिन बाद तेलंगाना, ओडिशा, झारखंड और बिहार के कुछ और हिस्सों व छत्तीसगढ़ के कुछ हिस्सों में मानसून के और आगे बढ़ने के लिए परिस्थितियां अनुकूल हैं।' - अरुण शर्मा, पूर्व अनुमान अधिकारी, मौसम केंद्र भोपाल