
राज्य ब्यूरो, भोपाल। मुख्यमंत्री डा. मोहन यादव के गृह जिले उज्जैन में एमपीआइडीसी (मध्य प्रदेश इंडस्ट्रियल डेवलपमेंट कारपोरेशन) का क्षेत्रीय कार्यालय खोला जाएगा। इससे उज्जैन, नीमच, रतलाम सहित अन्य जिलों में औद्योगिकीकरण को प्रोत्साहन मिलेगा। मुख्यमंत्री मंगलवार को मंत्रालय में औद्योगिक नीति एवं निवेश प्रोत्साहन विभाग की समीक्षा बैठक ले रहे थे। सीएम ने प्रदेश के अन्य संभागों में भी एमपीआइडीसी के क्षेत्रीय कार्यालय खोलने के निर्देश दिए।
सीएम यादव ने कहा कि बुंदेलखंड और बघेलखंड जैसे क्षेत्रों के औद्योगिक विकास के लिए स्थानीय सुविधा अनुसार कंपनियों को उद्योग लगाने के लिए आकर्षित करने के साथ उद्योग को आगे बढ़ाने के लिए भी प्रयास करें। उद्योगों को आत्मनिर्भर और लाभजनक बनाएं। इसके लिए विभिन्न विभागों के साथ समन्वय बनाएं।
मुख्यमंत्री के समक्ष विभागीय संरचना, इंडस्ट्रियल इको सिस्टम, औद्योगिक क्षेत्र भूमि वितरण, उद्योग संवर्धन नीति 2014, इंडस्ट्रियल कारिडोर और एक्सप्रेस-वे सहित विभिन्न कार्यों का प्रजेंटेशन किया गया। समीक्षा बैठक में मुख्य सचिव वीरा राणा, अपर मुख्य सचिव अजीत केसरी, प्रमुख सचिव औद्योगिक नीति एवं निवेश प्रोत्साहन संजय शुक्ला, प्रबंध संचालक एमपीआइडीसी नवनीत मोहन कोठारी सहित विभागीय अधिकारी उपस्थित रहे।

मुख्यमंत्री ने कहा कि भविष्य की दृष्टि से नए रेलवे ट्रैक और जल मार्ग के जरिए नए क्षेत्रों में उद्योग की स्थापना की योजना बनाएं। मशीन आधारित उद्योगों के साथ रोजगार आधारित उद्योग स्थापित कराएं। प्रदेश के भविष्य की संभावनाओं और उद्योगों की आवश्यकता अनुसार नीतियां बनाएं। उद्योगों को सब्सिडी समय पर देना सुनिश्चित करें। स्थानीय स्तर पर होने वाली उपज जैसे दूध, सोयाबीन, हर्बल और लघु वनोपज आदि की उपलब्धता अनुसार स्थानीय स्तर पर छोटी-छोटी यूनिट लगवाने का अभियान चलाएं। आर्थिक रूप से सक्षम स्थानीय उद्योगपतियों को नए उद्योग लगाने के लिए प्रोत्साहन देने की योजना बनाएं।
शिवराज सरकार में बनी कैबिनेट कमेटी फार इंवेस्टमेंट प्रमोशन (सीसीआइपी) भंग कर अब मोहन सरकार में नई सीसीआइपी गठित की जाएगी। उद्योग विभाग ने इसका प्रस्ताव बनाकर मुख्य सचिव को भेजा है। यहां स्वीकृति के बाद सीसीआइपी पुनर्गठित की जाएगी।