
नईदुनिया प्रतिनिधि, भोपाल। वैश्विक ऊर्जा संकट के बीच प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा ईंधन के संयमित उपयोग और स्वच्छ ऊर्जा को बढ़ावा देने की अपील का देश और प्रदेश में असर दिखने लगा है।
पीएम मोदी की इस मुहिम को आगे बढ़ाते हुए मध्य प्रदेश के नगरीय प्रशासन एवं विकास संचालनालय ने प्रदेश के सभी नगरीय निकायों को पत्र लिखकर हरित परिवहन (ग्रीन ट्रांसपोर्ट) व्यवस्था लागू करने के निर्देश दिए हैं।
संचालनालय ने इस पत्र में भोपाल सहित प्रदेश के सभी नगरीय निकायों, जिला एवं शहरी विकास अभिकरणों और संभागीय कार्यालयों के अधिकारियों को अपने स्थानीय दौरों के लिए इलेक्ट्रिक वाहनों का उपयोग करने के लिए कहा है।
इस आदेश के बाद भोपाल नगर निगम ने सबसे पहले मुस्तैदी दिखाते हुए अपनी कार्ययोजना तैयार कर ली है। शहर को प्रदूषण मुक्त बनाने की दिशा में आगे बढ़ते हुए निगम प्रशासन अब अपने अधिकारी-कर्मचारियों के उपयोग के लिए 50 इलेक्ट्रिक वाहनों को किराए पर लेने जा रहा है।
इन वाहनों के मिलने के बाद निगम आयुक्त से लेकर अपर आयुक्त, उपायुक्त, सहायक आयुक्त सहित सभी अधिकारी, कर्मचारी अपने दौरों के लिए इन्हीं वाहनों का उपयोग करेंगे।
जानकारी के अनुसार, निगम प्रशासन ने अपने पूरे परिवहन तंत्र को धीरे-धीरे पूरी तरह इलेक्ट्रिक आधारित बनाने का ब्लूप्रिंट तैयार किया है। इसके तहत निगम के बेड़े में शामिल हो चुके और अपनी अवधि पूरी कर चुके 143 पुराने व कबाड़ वाहनों की जल्द ही नीलामी की जाएगी। इन पुराने वाहनों को हटाने के बाद इनके स्थान पर चरणबद्ध तरीके से नए इलेक्ट्रिक वाहन खरीदे जाएंगे।
नगर निगम शुरुआती चरण में जो 50 ई-वाहन किराए पर लिए जा रहे हैं, उनकी चार्जिंग और रखरखाव की पूरी जिम्मेदारी संबंधित वेंडर (आपूर्तिकर्ता) की होगी।
भविष्य में नगर निगम द्वारा जो खुद के ई-वाहन खरीदे जाएंगे, उनके लिए शहर में चार्जिंग का पुख्ता ढांचा तैयार किया गया है। इन वाहनों की चार्जिंग व्यवस्था स्मार्ट सिटी परियोजना के तहत शहर में बने आधुनिक चार्जिंग स्टेशनों और नगर निगम के गार्बेज ट्रांसफर स्टेशनों पर की जाएगी।
स्वयं का अनुपालन - नगरीय निकायों के सभी अधिकारी स्थानीय स्तर पर निरीक्षण और दौरों के लिए केवल इलेक्ट्रिक वाहनों का उपयोग करें।
क्षेत्रीय निकायों का पर्यवेक्षण - संभाग और क्षेत्रीय निकायों के अंतर्गत आने वाली सभी नगर पालिका और नगर परिषदों के दौरे के लिए भी ईवी का अनिवार्य उपयोग का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित कराएं।
ईवी चार्जिंग पॉइंट - संभाग और निकाय स्तर पर विभागीय कार्यालयों में आवश्यक चार्जिंग इन्फ्रास्ट्रक्चर विकास करने की कार्रवाई प्राथमिकता से करें।
ईंधन वाहनों के स्थान पर ईवी का उपयोग - नए वाहनों की खरीदी या किराए पर लेने पर पेट्रोल या डीजल वाहनों के स्थान पर इलेक्ट्रिक वाहनों को प्राथमिकता दें।
संभाग एवं निकायों के अंतर्गत आने वाले कार्यालयों में ईवी पॉलिसी के तहत हुए बदलावों और पेट्रोल/डीजल वाहनों के उपयोग में आई कमी की मासिक समीक्षा कर रिपोर्ट संचालनालय को भेजनी होगी।
नगर निगम ने इलेक्ट्रिक वाहनों को अपनाने की पहल पर काम शुरू कर दिया है। इसका उद्देश्य ईंधन की बचत के साथ ही हरित परिवहन को बढ़ावा देना है। इसके लिए हमने कार्ययोजना तैयार कर ली है। जल्द ही टेंडर जारी किए जाएंगे। - संस्कृति जैन, आयुक्त, नगर निगम भोपाल