मुस्लिम संगठन ने सीएम मोहन यादव से ओवैसी के भोपाल कार्यक्रम की मंजूरी वापस लेने की मांग की
गणेश उत्सव के दौरान कानून-व्यवस्था और सामाजिक सद्भाव को लेकर चिंता जताते हुए एक मुस्लिम संगठन ने प्रशासन से 15 सितंबर को भोपाल में AIMIM प्रमुख असदुद्...और पढ़ें
Publish Date: Mon, 14 Sep 2026 05:22:19 PM (IST)Updated Date: Mon, 14 Sep 2026 05:28:38 PM (IST)
HighLights
- सार्वजनिक भाषण से भीड़ और ट्रैफिक का दबाव बढ़ सकता है
- पूर्व बीजेपी विधायक टी. राजा सिंह का उदाहरण देते हुए आग्रह
- अगर शांति भंग होने की आशंका हो तो मंजूरी न दी जाए
डिजिटल डेस्क, भोपाल। गणेश उत्सव के दौरान कानून-व्यवस्था और सामाजिक सद्भाव को लेकर चिंता जताते हुए एक मुस्लिम संगठन ने प्रशासन से 15 सितंबर को भोपाल में AIMIM प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी के कार्यक्रम की मंजूरी पर फिर से विचार करने का आग्रह किया है।
खुद को गैर-राजनीतिक संगठन बताने वाली मध्य प्रदेश मुस्लिम त्योहार समिति ने सेंट्रल लाइब्रेरी में होने वाले इस कार्यक्रम का विरोध करते हुए मुख्यमंत्री मोहन यादव, भोपाल कलेक्टर और पुलिस अधिकारियों को एक ज्ञापन सौंपा है।
सार्वजनिक भाषण से भीड़ और ट्रैफिक का दबाव बढ़ सकता है
संगठन का दावा है कि ओवैसी के सार्वजनिक भाषण से भीड़ और ट्रैफिक का दबाव बढ़ सकता है क्योंकि त्योहार के दौरान इस इलाके में लोगों की काफी आवाजाही रहती है। उसने दावा किया कि अगर कार्यक्रम के दौरान कोई ऐसी बात कही गई जिसे भड़काऊ या धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने वाला माना जाए, तो तनाव पैदा हो सकता है।
पूर्व बीजेपी विधायक टी. राजा सिंह का उदाहरण देते हुए आग्रह
संगठन के प्रदेश अध्यक्ष जीशान रहमान शानू ने कहा कि उनका संगठन अपने समुदाय के लिए धार्मिक जुलूस और अन्य गतिविधियां आयोजित करता है। समिति ने हैदराबाद के पूर्व बीजेपी विधायक टी. राजा सिंह का उदाहरण देते हुए कहा कि कानून-व्यवस्था के आधार पर उनके कार्यक्रमों की मंजूरी पहले भी रद की जा चुकी है और प्रशासन से ओवैसी के मामले में भी वही नियम लागू करने का आग्रह किया।
अगर शांति भंग होने की आशंका हो तो मंजूरी न दी जाए
संगठन ने कहा कि उसका मकसद भोपाल की शांति, सांप्रदायिक सद्भाव और गंगा-जमुनी तहज़ीब को बनाए रखना है। उसने प्रशासन से आग्रह किया कि अगर शांति भंग होने की आशंका हो तो मंजूरी न दी जाए, या अगर कार्यक्रम की मंजूरी दी जाती है तो जरूरी पाबंदियां लगाई जाएं।