
राज्य ब्यूरो, नईदुनिया, भोपाल। देश विरोधी गतिविधियों के आरोप में गिरफ्तार सहारनपुर (उत्तर प्रदेश) निवासी नईम अब्दुल्ला और भोपाल के फराज ने एक-दूसरे को 225 से अधिक किताबें दी थीं। एटीएस (ATS) सूत्रों ने बताया कि इन किताबों में कट्टरपंथी विचारों से जुड़ी उग्र जेहादी सामग्री है। इनमें से अधिकतर किताबें पीडीएफ (PDF) फॉर्म में थीं।
पूछताछ और जब्त की गई डिजिटल सामग्री से यह सामने आया है कि नईम बहुत किताबें पढ़ता था। फराज को कट्टर बनाने के लिए वह उसे ये किताबें और अन्य सामग्रियां देता था। वह वर्ष 2025 में भोपाल आकर फराज के यहाँ रुका भी था। ये दोनों एक ही पाकिस्तानी हैंडलर के कहने पर देश विरोधी गतिविधियों में लगे हुए थे।
मध्य प्रदेश आतंकवाद निरोधी दस्ते (ATS) ने जून माह में देश विरोधी गतिविधियों में संलिप्त चार आरोपितों को गिरफ्तार किया था। इस कार्रवाई में नईम व फराज के अलावा राजस्थान के अलवर निवासी शाकिर मेव और बिहार के मधुबनी का निवासी इजहार उल हक शामिल हैं।
शाकिर लगभग छह वर्ष पहले देवबंद में धार्मिक शिक्षा लेने गया था, तभी उसका संपर्क नईम से हुआ था। अभी चारों आरोपित न्यायिक हिरासत में जेल में बंद हैं। पाकिस्तानी हैंडलर की तरफ से भी इन आरोपितों को किताबें और अन्य लिखित सामग्रियां भेजी जाती थीं।
बता दें कि मोहम्मद फराज उर्फ खालिद सैफुल्लाह का जुड़ाव प्रतिबंधित संगठन सिमी (SIMI) और पीएफआइ (पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया) के सदस्यों से मिला है। जांच के दौरान नईम के 10 से अधिक, जबकि फराज और इजहार उल हक के भी पांच से छह मोबाइल नंबर मिले हैं। ऐसा माना जा रहा है कि संदिग्ध गतिविधियों में संलिप्त होने के चलते वे पकड़े जाने से बचने के लिए अलग-अलग मोबाइल नंबरों का उपयोग करते रहे होंगे।