
राज्य ब्यूरो, नईदुनिया, भोपाल। देश विरोधी गतिविधियों के आरोप में भोपाल से गिरफ्तार मोहम्मद फराज उर्फ खालिद सैफुल्लाह ने एटीएस से पूछताछ में कई नई जानकारियां दी हैं। उसने बताया है कि उत्तर प्रदेश के सहारनपुर के नानौता का रहने वाला नईम अब्दुल्ला वर्ष 2025 में भोपाल आकर उसके यहाँ कई दिन रुका था। इसके पहले वह इज्तिमा (वार्षिक धार्मिक सम्मेलन) में भाग लेने के लिए भी तीन दिन के लिए भोपाल आया था।
नईम अब्दुल्ला फराज को आतंकी संगठन अलकायदा के प्रमुख रहे ओसामा बिन लादेन और अल जवाहरी के वीडियो देखने के लिए कहा करता था। इस आधार पर यह भी माना जा रहा है कि आरोपित जिन लोगों को अपने साथ देश विरोधी गतिविधियों के लिए जोड़ते थे, उन्हें भी यही वीडियो देखने के लिए उकसाते रहे होंगे। कुछ आरोपितों के पास हिंसक वीडियो भी मिले हैं।
बता दें कि मामले में मध्य प्रदेश आतंकवाद निरोधी दस्ता (एटीएस) ने अभी तक भोपाल से फराज, उत्तर प्रदेश के सहारनपुर से नईम अब्दुल्ला, राजस्थान के अलवर से शाकिर मेव और बिहार के मधुबनी से इजहार उल हक को गिरफ्तार किया है। ये सभी एक ही पाकिस्तानी हैंडलर के कहने पर काम करते थे।
पहले दौर की पूछताछ के बाद सभी को न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया है। अभी तक की पूछताछ में सामने आया है कि पाकिस्तानी हैंडलर का सबसे करीबी इजहार उल हक था। वह 2020 से पाकिस्तानी हैंडलर से जुड़ा था। हालांकि, गिरफ्तार तीन अन्य आरोपितों को उसने नहीं जोड़ा था। पाकिस्तानी हैंडलर द्वारा इंटरनेट मीडिया के समूहों में जोड़े जाने के बाद वे एक-दूसरे के संपर्क में आए।
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पुलिस मुख्यालय के अधिकारियों का कहना है कि इस नेटवर्क में अभी और लोग शामिल हो सकते हैं। हर बड़े राज्य में एक-दो आरोपित हो सकते हैं। फिर से पूछताछ के लिए कोर्ट से आरोपितों की रिमांड मांगी जा सकती है।