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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Aug 26, 2021 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

National Education Policy in MP: सीएम शिवराज सिंह चौहान ने कहा, नई शिक्षा नीति से शिक्षा के साथ मिलेगा रोजगार और नागरिक संस्कार

National Education Policy in MP: राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 लागू करने वाला मध्य प्रदेश देश का पहला राज्य है।

By Prashant PandeyEdited By: Prashant Pandey
Publish Date: Thu, 26 Aug 2021 10:44:06 AM (IST)Updated Date: Thu, 26 Aug 2021 01:33:07 PM (IST)
National Education Policy in MP: सीएम शिवराज सिंह चौहान ने कहा, नई शिक्षा नीति से शिक्षा के साथ मिलेगा रोजगार और नागरिक संस्कार

National Education Policy in MP: भोपाल, नवदुनिया स्टेट ब्यूरो। राज्यपाल मंगुभाई पटेल और सीएम शिवराज सिंह चौहान ने राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 को मध्य प्रदेश में लागू करने का गुरुवार को औपचारिक शुभारंभ किया गया। यह नीति लागू करने वाला मध्य प्रदेश देश का पहला राज्य है। शुभारंभ अवसर पर मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि नई शिक्षा नीति में शिक्षा के साथ रोजगार और नागरिक संस्कार देने की व्यवस्था की जाएगी। शिक्षा का उद्देश संपूर्ण शिक्षा होना चाहिए। यदि कोई बच्चा पढ़-लिखकर भी संस्कारवान नहीं हो पाता है, राष्ट्रभक्त नहीं हो पाता है तो ऐसी शिक्षा का क्या महत्व है। हम इसके लिए विशेष व्यवस्था करने जा रहे हैं।

राज्यपाल श्री मंगुभाई पटेल एवं मुख्यमंत्री श्री @ChouhanShivraj द्वारा मध्यप्रदेश में 'राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020' का शुभारंभ https://t.co/7MxAABvgPt

— Jansampark MP (@JansamparkMP) August 26, 2021

सीएम शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि पहले भी शिक्षा नीति पर बात हुई है, लेकिन प्रधानमंत्री नरेंन्द्र मोदी ने सही अर्थ में बेहतर व्यवस्था लागू की है। पढ़ने के बाद रोजी-रोटी नहीं मिले तो ऐसी शिक्षा का क्या मतलब है। जिससे आजीविका नहीं मिल सके, ऐसी शिक्षा व्यवस्था अधूरी है। युवा बेटियों की इज्जत करने वाला, इमानदार, कर्मठ और देशभक्त बने, इसकी चिंता भी की जा रही है। प्रदेश में एनसीसी और एनएसएस के माध्यम से नागरिक संस्कार देने की व्यवस्था की जाएगी।


विदेशी पहले हमारे यहां पढ़ने आते थे

राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने कहा कि प्राचीन काल में नालंदा और तक्षशिला जैसे संस्थान हमारे यहां थे। तब विदेश से पढ़ने के लिए विद्यार्थी हमारे यहां आते थे। आज हमारे यहां के लोग विदेश पढ़ने जा रहे हैं। काफी चिंतन के बाद नई शिक्षा नीति बनी है। इसके क्रियान्वयन से हमारा देश ज्ञान आधारित सुपर पावर बनेगा।