अंजली राय, भोपाल। इक्कीसवीं सदी के बदलते परिवेश में अब अपने भविष्य को लेकर बेटियां काफी गंभीर हो गई हैं। आर्थिक तंगी से परेशान कई माता-पिता भविष्य की अनिश्चितता को देखकर बेटियों के हाथ पीले करने की जल्दी में रहते हैं, लेकिन बेटियां बाल विवाह के खिलाफ उठ खड़ी हुईं। अपने सपने को पंख लगने की दहलीज पर कदम रखने के पहले बालिकाएं किसी कीमत में विवाह नहीं करना चाहती हैं। कई बालिकाएं ऐसी हैं जिन्होंने स्वयं के बाल विवाह की सूचना चाइल्ड लाइन को देकर समय से पहले सात फेरों के चक्कर से खुद को बचा लिया। बता दें कि राजधानी सहित प्रदेश्ाभर में 2021 में बाल विवाह के मामले अधिक सामने आए हैं। राष्ट्रीय बालिका दिवस पर हम ऐसी ही कुछ बालिकाओं की कहानी साझा कर रहे हैं।

इसी तरह का एक मामला राजधानी में रविवार को भी सामने आया है। छोला थाना क्षेत्र के न्यू सब्जी मंडी शिव नगर से एक नाबालिग बालिका ने चाइल्ड लाइन में फोन कर सूचना दी कि 25 जनवरी को उसकी शादी है। जब चाइल्ड लाइन, विशेष किशोर पुलिस इकाई व महिला एवं बाल विकास की टीम पहुंची तो बालिका का माता-पूजन कार्यक्रम चल रहा था। टीम ने बालिका के उम्र से संबंधित दस्तावेज देखे, जिसके तहत उसकी उम्र 15 साल 10 माह पाई गई।

बालिका की मां ने बताया कि पति बस ड्राइबर है और रोज शराब पीकर लड़ाई-झगड़ा करता है। पांच बेटियां हैं, जिनमें दो की शादी हो गई है। अच्छा रिश्ता आया तो तीसरी बेटी की भी शादी कर रहे हैं। वहीं बालिका ने बताया कि मां ने उसकी सगाई दो साल पहले ही करवा दी थी। परवलिया में शादी हो रही है। उसने मां को बोला था कि अभी उसे शादी नहीं करना है। इस साल दसवीं की बोर्ड परीक्षा है इसलिए शादी नहीं करना चाहती हूं। इस पर मां ने कहा कि शादी के बाद भी लड़के वाले पढ़ाएंगे।

मां नहीं मानी और मेरी जबरदस्ती शादी कर रही थी। बालिका की मां ने थाने में काफी हंगामा किया और अपने साथ दो वकील लेकर आई थी। जिन्हें थाना प्रभारी ने सख्ती से समझाइश दी। टीम द्वारा भी मां और परिजनों से बातचीत कर उन्हें समझाइश दी गई। साथ ही परिवार द्वारा पंचनामा बनवाया गया कि अगर बालिका की शादी 18 वर्ष से कम उम्र में करते हैं तो उन पर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

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केस-1

नेहरू नगर में रहने वाली एक 16 वर्षीय बालिका ने चाइल्ड लाइन में फोन कर बाल विवाह की सूचना दी थी। बालिका का कहना था कि वह पढ़ाई करना चाहती है, लेकिन जबरदस्ती पिता उसकी शादी कर रहे हैं। दोनों पक्षों पर कार्रवाई कर शादी रुकवाई गई। बालिका ग्यारहवीं कक्षा में है।

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केस-2

सूखी सेवनिया थाना क्षेत्र की 15 वर्षीय बालिका ने चाइल्ड लाइन को फोन करवाया और बाल विवाह की सूचना दी। मामले में उसके माता-पिता से शपथ पत्र भरवाया गया। पिता का कहना था कि लाकडाउन में मजदूरी का काम बंद है, इसलिए बेटी की शादी कर जिम्मेदारी से मुक्त होना चाहते हैं। इस साल बालिका दसवीं की बोर्ड परीक्षा देगी।

इनका कहना है

- कोरोना काल में पिछले वर्षों की तुलना में बाल विवाह के अधिक मामले इस वर्ष सामने आए हैं। आजकल बाल विवाह के खिलाफ लोगों में जागरूकता आई है। सबसे ज्यादा अब बालिकाएं खुद आगे आकर अपना विवाह रुकवा रही हैं। इस कारण अब बाल विवाह रोकथाम की घटनाएं सामने आ रही हैं।

अर्चना सहाय, डायरेक्टर, चाइल्ड लाइन

प्रदेश में बाल विवाह के मामले

2021-228

2020 - 292

2019 - 450

भोपाल में बाल विवाह के मामले

2021-36 केस

2020-19 केस

2019 - 5 केस

2018-5 केस

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#NationalGirlChildDay की हार्दिक शुभकामनाएँ। दृढ़ संकल्प कौशल और महत्वाकांक्षा के साथ देश की बेटियां आज हर क्षेत्र में अपनी पहचान बना रही हैं। सभी बेटियों को उनके प्रतिभा क्षेत्र में बढ़ने और उत्कृष्टता प्राप्त करने के लिए एक सुरक्षित, स्वस्थ और देखभाल युक्त वातावरण मिलना चाहिए। #girlsempowerment #NationalGirlChildDay2022 #NCSC @thevijaysampla

- National Commission for Scheduled Castes (@NCSC) 24 Jan 2022

Posted By: Hemant Kumar Upadhyay

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