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MP में कुदरत का कहर, ओलावृष्टि और बारिश से फसलों को नुकसान, अगले 48 घंटे के लिए मौसम विभाग का अलर्ट जारी

बेमौसम वर्षा, आंधी व ओलावृष्टि से फसलों को आंशिक नुकसान पहुंचा है क्योंकि अधिकतर क्षेत्रों में गेहूं की फसल कट चुकी है। अलबत्ता जहां फसल अभी खेतों में...और पढ़ें

By Digital DeskEdited By: Dheeraj Belwal
Publish Date: Sat, 04 Apr 2026 07:41:08 PM (IST)Updated Date: Sat, 04 Apr 2026 07:41:08 PM (IST)
MP में कुदरत का कहर, ओलावृष्टि और बारिश से फसलों को नुकसान, अगले 48 घंटे के लिए मौसम विभाग का अलर्ट जारी
ओलावृष्टि और बारिश से फसलों को हुआ भारी नुकसान। (AI से जेनरेट की गई इमेज)

HighLights

  1. ओलावृष्टि और बारिश से फसलों को हुआ भारी नुकसान
  2. रीवा में आकाशीय बिजली गिरने से भाई-बहन की मौत
  3. अगले 48 घंटे फिर भारी बारिश व ओलावृष्टि का अलर्ट

नईदुनिया प्रतिनिधि, भोपाल। बेमौसम वर्षा, आंधी व ओलावृष्टि से फसलों को आंशिक नुकसान पहुंचा है क्योंकि अधिकतर क्षेत्रों में गेहूं की फसल कट चुकी है। अलबत्ता जहां फसल अभी खेतों में ही खड़ी है, वहां नुकसान की खबरें हैं। कई जगह खुले में रखा अनाज भीगने से नुकसान की आशंका है। कई जिलों में जहां अभी फसल कट रही है, वहां खेतों में फसल बिछ गई है। मक्का की फसल को भी नुकसान पहुंचा है। विंध्य-महाकोशल के जिलों में खेतों में लगी गेहूं की फसल तेज वर्षा व हवाओं के प्रभाव से गिर गई है। भीगने के कारण गेहूं का दाना काला पड़ने की आशंका बढ़ गई है।

गेहूं और प्याज के उत्पादन पर संकट की संभावना

कृषि विज्ञानियों के अनुसार बेमौसम वर्षा से गेहूं और प्याज के उत्पादन पर 50 प्रतिशत से अधिक के नुकसान की संभावना है। अधिक नमी के कारण प्याज खेतों में ही सड़ने की आशंका है। चना और मसूर पर भी वर्षा का असर पड़ा है। मालवा-निमाड़ अंचल के अधिकांश क्षेत्रों में रबी की फसलें पहले ही कट चुकी हैं। देवास, खंडवा, नीमच और मंदसौर में नुकसान की कोई सूचना नहीं है। जबकि रतलाम में ओलावृष्टि से आंशिक असर हुआ है। हालांकि, धार जिले के बाग और डही क्षेत्र में गुरुवार शाम आए तेज आंधी-तूफान ने नुकसान पहुंचाया है। यहां मक्का की फसलें बिछ गईं और खड़ी गेहूं की फसल को क्षति पहुँची है।


विभिन्न जिलों में फसलों की स्थिति और क्षति का आकलन

भोपाल अंचल में भी फसलों को नुकसान पहुंचा है। विदिशा के कुरवाई, नटेरन और शमशाबाद क्षेत्र के 40 से अधिक गांवों में गेहूं की तैयार फसल को व्यापक नुकसान पहुंचा है। बैतूल के घोड़ाडोंगरी विकासखंड के रानीपुर, कुही, जुआड़ी सहित अन्य गांवों में तेज हवा के साथ वर्षा होने से खेत में पककर खड़ी गेहूं की फसल आड़ी हो गई है। चंदोरा, वलनी, पारेगांव, सोनौली समेत कई गांवों में व्यापक ओलावृष्टि हुई है। इसकी वजह से गेहूं, चने के अलावा सब्जियों और फलों की खेती को बड़ा नुकसान होने की आशंका है। प्रशासन ने नुकसान के आकलन का निर्देश दे दिया है।

कटाई पूरी होने से कई क्षेत्रों में टला बड़ा नुकसान

यही हाल राजगढ़ का भी है। जबकि सीहोर में फसल कट जाने से नुकसान कम हुआ है। अलबत्ता खलिहान में रखी कुछ किसानों की गेहूं फसल भीग गई। इससे गेहूं की चमक प्रभावित होने की आशंका जरूर जताई जा रही है, लेकिन कहीं भी बड़े नुकसान की सूचना नहीं मिली है। कृषि विभाग के अनुसार जिले में करीब 15 दिन पहले ही 95 प्रतिशत से अधिक फसल की कटाई पूरी होकर सुरक्षित स्थानों तक पहुंच चुकी थी, जिससे संभावित नुकसान काफी कम रहा। ग्वालियर अंचल में केवल क्षेत्र में ही ओलावृष्टि से फसलों को नुकसान की खबर है।

भोपाल, इंदौर, जबलपुर अंचल में वर्षा-ओलावृष्टि की संभावना

पाकिस्तान के ऊपर सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ और पंजाब व छत्तीसगढ़ के ऊपर सक्रिय चक्रवाती परिसंचरण का प्रदेश के मौसम पर व्यापक असर पड़ा है। इसके असर से शनिवार को प्रदेश के 21 जिलों में झंझावात (आंधी) के साथ वर्षा और ओलावृष्टि हुई है। बैतूल जिले के गांवों में 20 मिनट तक ओले बरसते रहे। इसकी वजह से सड़क से लेकर खेतों पर ओलों की सफेद चादर बिछ गई। आज भी भोपाल, इंदौर और जबलपुर संभाग में वर्षा-ओलावृष्टि संभावित है। आंधी भी चल सकती है।

यहां अधिक दिखा असर

मौसम विभाग के अनुसार पिछले 24 घंटों में बैतूल, सीहोर, अशोक नगर, विदिशा, सागर, खरगोन, मुरैना, छतरपुर, दमोह, पन्ना, छिंदवाड़ा, पांढुर्णा, सिवनी, मंडला, कटनी, जबलपुर, बालाघाट, सतना, मैहर और रीवा जिलों में वर्षा, झंझावात और बिजली गिरने की घटनाएं दर्ज हुई हैं। सीहोर में 41 किमी प्रति घंटा की रफ्तार वाली हवाएं चली हैं।

अगले दो दिन ऐसे ही हालात

मौसम विभाग का अनुमान है कि अगले दो दिनों तक पूरे प्रदेश के आंशिक से मध्यम स्तर के बादल छाए रहेंगे। मौसम अस्थिर रहेगा। भोपाल, नर्मदापुरम, इंदौर, उज्जैन, जबलपुर और सागर संभाग में कुछ स्थानों पर गरज-चमक के साथ तेज बौछार पड़ेगी। बिजली गिरने और ओलावृष्टि की भी संभावना बनी हुई है। कहीं-कहीं अचानक आंधी जैसे हालात बन सकते हैं। दिन में तापमान में दो से तीन डिग्री की गिरावट होगी।

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आकाशीय बिजली गिरने से भाई-बहन की मौत

रीवा जिले के सेमरिया थाना क्षेत्र के अंतर्गत डोरी जंगल में शनिवार को महुआ बीनने गए भाई-बहन की आकाशीय बिजली गिरने से मौत हो गई। ग्राम हरदिया निवासी दादू कोल के पुत्र राजन कोल (11) और पुत्री सविता कोल (19) सुबह जंगल में महुआ बीन रहे थे। तभी तेज आंधी और वर्षा के बीच कड़कती बिजली दोनों के ऊपर गिर गई।