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एमपी में NEET UG री-एग्जाम के दौरान दिखी सख्ती: बटन-कलावा काटे, चेन-इयरिंग्स उतरवाए; कई को नंगे पैर देनी पड़ी परीक्षा

इंदौर में 57 केंद्रों पर 23 हजार 089 विद्यार्थियों के लिए व्यवस्था की गई। परीक्षा केंद्रों पर सख्त जांच, बायोमेट्रिक सत्यापन और सुरक्षा इंतजाम रहे।

By Kapil NileyEdited By: Akash Sharma
Publish Date: Sun, 21 Jun 2026 10:16:02 PM (IST)Updated Date: Mon, 22 Jun 2026 07:15:23 AM (IST)
एमपी में NEET UG री-एग्जाम के दौरान दिखी सख्ती: बटन-कलावा काटे, चेन-इयरिंग्स उतरवाए; कई को नंगे पैर देनी पड़ी परीक्षा
इंदौर में NEET UG परीक्षा का सख्त इंतजाम, बायोमेट्रिक जांच से लेकर हेल्प डेस्क तक रही व्यवस्था (फोटो- PTI)

HighLights

  1. इंदौर में 57 केंद्रों पर आयोजित हुई NEET परीक्षा
  2. 23 हजार 089 विद्यार्थियों के लिए हुई बैठक व्यवस्था
  3. फिजिक्स को छात्रों ने सबसे कठिन विषय बताया

नईदुनिया प्रतिनिधि, इंदौर। पेपर लीक की घटना के बाद देशभर में रविवार को NEET UG 2026 की दोबारा परीक्षा आयोजित की गई। परीक्षा के दौरान जहां हजारों विद्यार्थी अपने भविष्य की परीक्षा दे रहे थे, वहीं दूसरी ओर केंद्रों के बाहर सरकार और जिला प्रशासन के लिए भी व्यवस्था और सुरक्षा को लेकर बड़ी चुनौती रही।

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इंदौर में परीक्षा को लेकर विद्यार्थियों में तनाव साफ दिखाई दिया। कई छात्रों के चेहरे पर चिंता नजर आई। छात्रों ने बताया कि मई में हुई परीक्षा के दौरान उनका पेपर अच्छा गया था, लेकिन दोबारा परीक्षा को लेकर आशंका थी कि इस बार प्रश्नपत्र कठिन हो सकता है।


इंदौर में 57 केंद्रों पर हुई परीक्षा

NEET UG 2026 के लिए इंदौर जिले में कुल 57 परीक्षा केंद्र बनाए गए थे। इन केंद्रों पर 23 हजार 089 छात्र-छात्राओं के बैठने की व्यवस्था की गई थी। परीक्षा में कुल 90 प्रतिशत विद्यार्थियों ने उपस्थिति दर्ज कराई। आंकड़ों के अनुसार 20 हजार 882 विद्यार्थियों ने परीक्षा दी, जबकि दो हजार से ज्यादा छात्र परीक्षा में शामिल नहीं हुए।

परीक्षा का समय दोपहर 2 बजे से शाम 5.15 बजे तक निर्धारित था। विद्यार्थियों की रिपोर्टिंग के लिए सुबह 11.30 बजे से व्यवस्था शुरू कर दी गई थी। इंदौर के अलावा सिमरोल, महू, उज्जैन और देवास से भी बड़ी संख्या में छात्र परीक्षा केंद्रों पर पहुंचे।

केंद्रों पर दिखी सख्त जांच व्यवस्था

परीक्षा केंद्रों पर प्रवेश से पहले तीन स्तर की जांच प्रक्रिया रखी गई थी। विद्यार्थियों की तलाशी लेने के साथ ही पहचान सत्यापन की प्रक्रिया पूरी की गई। छात्रों को केवल हाफ स्लीव टी-शर्ट और चप्पल पहनकर प्रवेश की अनुमति थी। बायोमेट्रिक सिस्टम के तहत विद्यार्थियों की आंखों की पुतलियों की स्कैनिंग की गई। इसके अलावा आधार कार्ड का सत्यापन भी किया गया। परीक्षा कक्ष में प्रवेश से पहले अंगूठे का निशान भी लिया गया।

कुछ छात्राएं ज्वेलरी पहनकर पहुंची थीं। जांच के दौरान उनके झूमके, कान के टॉप और कड़े उतरवाए गए। सामान अभिभावकों को सौंपने के बाद ही उन्हें परीक्षा केंद्र में प्रवेश दिया गया।

हेल्प डेस्क और अभिभावकों के लिए इंतजाम

इस बार परीक्षा केंद्रों के बाहर हेल्प डेस्क और काउंसिलिंग डेस्क भी बनाई गई थीं। विद्यार्थियों को परीक्षा से जुड़ी किसी भी परेशानी के समाधान के लिए सहायता दी गई।

कुछ केंद्रों पर डिजिटल फोटो और एडमिट कार्ड डाउनलोड की सुविधा भी उपलब्ध कराई गई। वहीं परीक्षा देने आए विद्यार्थियों के साथ बड़ी संख्या में अभिभावक और परिजन भी पहुंचे थे। वे परीक्षा खत्म होने तक केंद्रों के बाहर मौजूद रहे। गर्मी और तेज धूप को देखते हुए कई केंद्रों पर टेंट लगाए गए थे। साथ ही पेयजल की व्यवस्था भी की गई। कुछ केंद्रों पर अभिभावकों के लिए पेड कैंटीन की सुविधा भी उपलब्ध रही।

पुलिस ने संभाली सुरक्षा और यातायात व्यवस्था

NEET परीक्षा को लेकर प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था पर विशेष ध्यान दिया। पुलिसकर्मियों ने परीक्षा केंद्रों के आसपास यातायात व्यवस्था संभाली और भीड़ को नियंत्रित किया।

किसी भी तरह की अफवाह या अव्यवस्था को रोकने के लिए निगरानी रखी गई। केंद्रों के आसपास पुलिस की मौजूदगी लगातार बनी रही।

छात्रों ने कहा- समय प्रबंधन सबसे बड़ी चुनौती

परीक्षा देकर बाहर आए कई विद्यार्थियों ने बताया कि प्रश्नपत्र न तो बहुत आसान था और न ही बहुत कठिन। छात्रों के अनुसार फिजिक्स सबसे ज्यादा चुनौतीपूर्ण रहा।

फिजिक्स में न्यूमेरिकल और कॉन्सेप्ट आधारित सवालों ने ज्यादा समय लिया। छात्र विवेक सोलंकी ने बताया कि प्रश्नों में कॉन्सेप्ट और समय प्रबंधन की भूमिका अहम रही। बायोलॉजी में कई प्रश्न सीधे NCERT आधारित थे, लेकिन कुछ सवालों को समझने में समय लगा। छात्रा महिमा चतुर्वेदी ने कहा कि प्रश्नों को ध्यान से समझना जरूरी था, क्योंकि कई सवाल घुमाकर पूछे गए थे।

पेपर का विषयवार विश्लेषण

विशेषज्ञ विजीत जैन के अनुसार फिजिक्स में न्यूमेरिकल आधारित सवाल लंबे थे और उन्हें हल करने में ज्यादा समय लगा। करंट इलेक्ट्रिसिटी, इलेक्ट्रोस्टैटिक्स और मैकेनिक्स जैसे टॉपिक्स से जुड़े प्रश्नों ने छात्रों की समझ और कैलकुलेशन क्षमता की परीक्षा ली।

केमिस्ट्री का पेपर पूरी तरह आसान नहीं था, लेकिन इसमें NCERT आधारित सवालों का अच्छा वेटेज रहा। ऑर्गेनिक केमिस्ट्री के कुछ प्रश्नों ने छात्रों को सोचने पर मजबूर किया, जबकि फिजिकल केमिस्ट्री में फार्मूला आधारित सवाल पूछे गए।

बायोलॉजी यानी बॉटनी और जूलॉजी को छात्रों ने सबसे आसान और स्कोरिंग सेक्शन बताया। इसमें ह्यूमन फिजियोलॉजी, जेनेटिक्स और बायोटेक्नोलॉजी से जुड़े सवाल शामिल रहे।

परीक्षा केंद्रों पर देखने को मिलीं खास घटनाएं

  • बाल विनय मंदिर स्कूल में परीक्षा देने आई पीपरिया की छात्रा टिया सिलावट अपना आधार कार्ड भूल आई थी। महिला पुलिस अधिकारी अभिरूचि ने छात्रा के अभिभावकों से संपर्क कर आधार कार्ड वाट्सअप पर मंगवाया। इसके बाद उसे परीक्षा में प्रवेश दिया गया। इसी तरह वेदांत भी आधार कार्ड नहीं लेकर पहुंचा था।
  • छात्रा परीधि अपनी मां के साथ बाल विनय मंदिर स्कूल सेंटर पर प्रवेश बंद होने के बाद पहुंची। उसने बताया कि गूगल मैप पर सेंटर सर्च करने पर उसे छत्रीबाग निजी स्कूल दिखाया गया था। जानकारी मिलने के बाद वह दोपहर 1 बजकर 40 मिनट पर केंद्र पहुंची।
  • श्रेय सिंह भी गलत परीक्षा केंद्र पहुंच गई थी। बाद में पूर्व एसपी जूनी इंदौर ने छात्रा और उसकी मां को निर्धारित केंद्र नवीन विधि महाविद्यालय पहुंचाया।
  • सरवेट बस स्टैंड पर एक छात्रा और उसके पिता काफी देर से पहुंचे। उस समय यातायात के एडिशनल डीसीपी नरेश बाबू अन्नोटिया निरीक्षण कर रहे थे। बातचीत के बाद उन्होंने अपने वाहन से छात्रा को कृषि महाविद्यालय केंद्र तक पहुंचवाया।