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एमपी में नया अग्नि सुरक्षा कानून तैयार, नागरिकों को अब देना होगा फायर सेफ्टी टैक्स, सचिव समिति से मिली हरी झंडी

नगरीय विकास एवं आवास विभाग द्वारा तैयार 'मध्य प्रदेश अग्निशमन एवं आपातकालीन सेवाएं विधेयक-2026' के प्रारूप को मुख्य सचिव अनुराग जैन की अध्यक्षता वाली ...और पढ़ें

By Digital DeskEdited By: Dheeraj Belwal
Publish Date: Fri, 26 Jun 2026 06:54:39 PM (IST)Updated Date: Fri, 26 Jun 2026 06:54:39 PM (IST)
एमपी में नया अग्नि सुरक्षा कानून तैयार, नागरिकों को अब देना होगा फायर सेफ्टी टैक्स, सचिव समिति से मिली हरी झंडी
प्रदेश के नागरिकों को अब देना होगा फायर सेफ्टी टैक्स।

HighLights

  1. एमपी में नया फायर सेफ्टी एक्ट लागू करने की तैयारी
  2. प्रदेश के नागरिकों को अब देना होगा फायर सेफ्टी टैक्स
  3. बिना एनओसी नहीं मिलेगा बिल्डिंग कंप्लीशन सर्टिफिकेट

राज्य ब्यूरो, नईदुनिया, भोपाल। प्रदेश में अग्नि सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए सरकार नया फायर सेफ्टी एक्ट लागू करने की तैयारी में है। नगरीय विकास एवं आवास विभाग द्वारा तैयार 'मध्य प्रदेश अग्निशमन एवं आपातकालीन सेवाएं विधेयक-2026' के प्रारूप को मुख्य सचिव अनुराग जैन की अध्यक्षता वाली वरिष्ठ सचिव समिति से हरी झंडी मिल गई है। अब इसे कैबिनेट की अनुमति लेकर 20 जुलाई से प्रारंभ होने वाले विधानसभा के मानसून सत्र में प्रस्तुत किया जाएगा।

दिल्ली में हाल ही में हुए भीषण अग्निकांड के बाद विभागीय मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने विभागीय अधिकारियों की बैठक में कहा था कि फायर सेफ्टी एक्ट जल्द से जल्द विधानसभा में प्रस्तुत किया जाए। इसकी बैठक में प्रस्तावित प्रविधानों को लेकर प्रस्तुतीकरण किया गया था।


15 मीटर से ऊंचे भवनों के लिए सर्टिफिकेट अनिवार्य

सूत्रों के अनुसार, 15 मीटर से अधिक ऊंचाई वाले स्कूल, अस्पताल, मॉल, होटल और औद्योगिक इकाइयों के लिए अग्नि सुरक्षा प्रमाणपत्र (फायर सेफ्टी सर्टिफिकेट) अनिवार्य होगा। बिना फायर सेफ्टी प्रमाणपत्र के किसी भी भवन को अधिभोग प्रमाणपत्र (ऑक्यूपेंसी सर्टिफिकेट) जारी नहीं किया जाएगा। इसके साथ ही, अब नागरिकों को संपत्तिकर (प्रॉपर्टी टैक्स) के साथ फायर सेफ्टी टैक्स भी देना होगा।

शादी समारोह, धार्मिक आयोजन, राजनीतिक कार्यक्रम और मेलों में लगाए जाने वाले पंडालों के लिए भी नए सुरक्षा मानक तय होंगे। पंडालों में उपयोग किए जाने वाले कपड़े और अन्य सामग्री का अग्निरोधी (फायर रिटार्डेंट) होना अनिवार्य किया जाएगा।

10 मिनट में पहुंचेगी फायर ब्रिगेड

नए कानून के तहत फायर सेफ्टी अधिकारियों की शैक्षणिक योग्यता और अनुभव के स्पष्ट मानदंड निर्धारित होंगे। सभी भवनों में एग्जिट प्लान और फायर पाइपलाइन का प्रदर्शन अनिवार्य रहेगा। भविष्य की जरूरतों के अनुरूप विशेष प्रशिक्षण व्यवस्था विकसित की जाएगी और अग्निशमन सेवाओं को सुदृढ़ किया जाएगा। नए फायर स्टेशन बनाने के साथ-साथ, दस मिनट के भीतर फायर ब्रिगेड घटनास्थल पर पहुंचे, यह सुनिश्चित करने के लिए विशेष व्यवस्था बनाई जाएगी।

भाजपा विधायक ने की थी कड़े कानून की मांग

गौरतलब है कि विधानसभा के बजट सत्र में भाजपा विधायक अभिलाष पांडे ने ध्यानाकर्षण के माध्यम से यह मुद्दा उठाया था। उन्होंने कहा था कि जबलपुर जैसे कई शहरों में घनी बस्तियां हैं, जहां आग लगने पर फायर ब्रिगेड की गाड़ियां पहुंच ही नहीं सकती हैं। इसके लिए एक ठोस व्यवस्था बनाई जानी चाहिए और साथ ही फायर सेफ्टी का कड़ा कानून भी बनाया जाना चाहिए।